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शिक्षुता प्रशिक्षण से युवाओं को मिलेगी रोजगार की नई राह
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बुलंदशहर। शिक्षुता प्रशिक्षण योजना बेरोजगार युवाओं को रोजगार की नई राह दिखाएगा। अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल ने वर्चुअल समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही इसे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन को कहा है।
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वर्चुअल समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने अफसरों को बताया कि शिक्षुता प्रशिक्षण योजना भारत सरकार और उत्तर प्रदेश की योजना है। इसके तहत 30 से ज्यादा श्रमिक वाली औद्योगिक इकाइयों में 2.5 प्रतिशत अप्रेंटिस कराना अनिवार्य है। अप्रेंटिंस के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्राविधान भी किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कैम्प लगाकर आगामी 26 अप्रेल से अप्रेंटिस के लिए युवाओं का रजिस्ट्रेशन कराया जाए। इसमें इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की सहभागिता भी की जाए। बताया गया कि भारत सरकार द्वारा अप्रेंटिस के लिए प्रति व्यक्ति 1500 रुपये और राज्य सरकार द्वारा प्रति लाभार्थी के लिए 1000 रुपये कुल 2500 रुपये अनुदान इनसेंटिव दिया जाना है। उपायुक्त उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। औद्योगिक इकाइयों में युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त होने से उन्हें नौकरी मिलने में आसानी होगी।
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