{"_id":"601983788ebc3e355678b016","slug":"ghaziabad1612284792","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाग रहे थे सभी जवान, नहीं तो होता बड़ा हादसा","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
जाग रहे थे सभी जवान, नहीं तो होता बड़ा हादसा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराबाद/बुलंदशहर। दुर्घटना के समय ड्यूटी पर कैंप के अंदर तीन पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसी के छह जवान थे। सुबह करीब चार बजे जब हादसा हुआ उस दौरान वहां सभी जवान जगे हुए थे और पिकेट के आसपास टहल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीओ सिकंदराबाद नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि रात में एसआई आनंद लाक्षाकार, हेड कांस्टेबल बृजेश, कांस्टेबल राशिद, पीएसी 38 बटालियन के हेड कांस्टेबल देवेश कुमार, कांस्टेबल अनीत, प्रवीण कर्दम, प्रवीन कुमार, विक्रांत कुमार ड्यूटी पर थे। बताया गया कि जिस समय हादसा हुआ सभी जवान जगे हुए थे। मृतक प्रवीन और प्रवीण टेंट में बैठे थे बाकी के जवान टेंट के आसपास मौजूद थे। यदि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी, पीएसी के जवान दुर्घटना के समय टेंट में मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। वही डंपर की चपेट में आने के कारण एसआई आनंद लाक्षाकार की स्कूटी, हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार की कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में जवानों की एक इंसास राइफल भी क्षतिग्रस्त हो गई और इंसास के कारतूस भी गुम हो गए।
टूटा टेंट, बिखरा सामान बयां कर रहा था भयावता
सिकंदराबाद। मौके पर क्षतिग्रस्त टेंट और पुलिसकर्मियों का बिखरा सामान हादसे की भयावता को बयां कर रहा था। टेंट के पूरी तरह से परखच्चे उड़ गए थे। मृतक पीएसी के सिपाहियों के जूते मौके पर पड़े थे। वही पुलिसकर्मियों की जैकेट, डंडे आदि भी इधर-उधर बिखरे थे। घटनास्थल पर जगह-जगह खून फैला हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैंटर-डंपर की भिडं़त होने के बाद डंपर अनियंत्रित होकर टेंट में घुस गया। जिससे टेंट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन