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गोष्ठी में हृदय रोगों से बचाव पर हुई चर्चा
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गोष्ठी में हृदय रोगों से बचाव पर हुई चर्चा
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गाजियाबाद। केंद्रीय आर्य युवक परिषद ने बृहस्पतिवार को आॅनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें सर्दियों के मौसम में हृदय संबंधी रोगों से बचाव विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि हार्टअटैक का कारण विचाराघात है। यदि आप तनाव को जीवन में अधिक अपनाएंगे तो हार्टअटैक की आशंका बढ़ जाती है। जो आपके बस में नहीं है, उसके बारे में बिना कारण सोचना, बहस करना तनाव का कारण बनते हैं। जीवन में जब भी मौका मिले ठहाके लगाकर हंसना चाहिए इससे तनाव दूर होता है। डॉ. सुषमा आर्या ने कहा कि हृदयाघात वर्तमान स्थिति में सामान्य सा हो गया है। हमारी दिनचर्या में चिंता, तनावग्रस्त जीवनशैली, काम का मानसिक दबाव आदि के कारण इस रोग में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि शरद ऋतु का समय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने का सर्वोत्तम समय है। जब शरीर से विषाक्त पदार्थों का निष्कासन हो जाएगा तो शरीर स्वस्थ रहेगा और हृदयाघात जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा। गोष्ठी में डॉ. करुणा चांदना, प्रवीण आर्य, योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने भी विचार प्रकट किए। इस दौरान
आनंद प्रकाश आर्य, उर्मिला आर्या, यशोवीर आर्य, कुमकुम खोसला, देवेंद्र गुप्ता, संतोष शास्त्री, प्रकाशवीर शास्त्री, ओम सपरा, राजेश मेंहदीरत्ता आदि मौजूद रहे।
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