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रियल एस्टेट सेक्टर में छट रहे मंदी के बादल, बढ़ रहे खरीदार
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय
- फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः जीडीए के व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड खरीदने में बढ़ा लोगों का रुझान, पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पहली बार 28 भवनों का आवंटन
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- कोरोना काल के बावजूद बीते तीन माह में 75 औद्योगिक व व्यावसायिक भूखंड बिके, मंदी का दौर होने के बावजूद जीडीए को हो चुकी है करोड़ों की कमाई
प्रद्युम्न उपाध्याय
गाजियाबाद। कोरोना काल में व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों की बढ़ी मांग रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संदेश दे रही है। जीडीए ने बीते चार माह में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों की कई नीलामी प्रक्रिया आयोजित की। इन नीलामी में आवासीय को छोड़कर व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की खरीददारी के लिए लोगों के आगे आने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं।
बीते तीन माह में जीडीए की विभिन्न योजनाओं में करीब 75 औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंडों की बिक्री हुई है। लोगों के व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड खरीदने से जीडीए को करोड़ों की आय हुई है। खरीदारों ने जीडीए की इंद्रप्रस्थ योजना, मधुबन बापूधाम योजना में व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की खरीद की है। शुक्रवार को पहली बार पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 28 भवनों का आवंटन किया गया। साथ ही नीलामी प्रक्रिया में कोयल एंक्लेव में दो व्यावसायिक भूखंडों और नंदग्राम व गोविंदपुरम योजना में दो आवासीय भूखंडों की नीलामी हुई। वहीं जीडीए ने संजयनगर, कविनगर, प्रतापविहार योजना चार सामुदायिक केंद्रों को 10 वर्ष की लीज पर आवंटन किया है। इसे जीडीए को करीब आठ करोड़ की आय हुई।
लोगों के रुझान को देखते हुए जीडीए ने अब अन्य योजनाओं में औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंडों को बेचने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। जीडीए की नीलामी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा भूखंड इंद्रप्रस्थ योजना में बिके हैं। जीडीए ने इंद्रप्रस्थ योजना में 45 औद्योगिक भूखंडों की बिक्री की है। इनमें एक दर्जन से ज्यादा व्यवसायिक भूखंड हैं। दूसरी ओर गोविंदपुरम, मधुबन बापूधाम, कोयल एन्क्लेव आदि योजनाओं में भी 15 से ज्यादा भूखंड बेचे गए हैं। अब प्राधिकरण अन्य योजनाओं में भी औद्योगिक व व्यवसायिक भूखंड बेचने की योजना तैयार कर रहा है। प्राधिकरण की योजना अधिक से अधिक व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड बेच कर जीडीए की आय में इजाफा करने की है।
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मंदी के दौर के बीच मिल रहे अच्छे संकेत
रियल एस्टेट सेक्टर में बीते कई सालों से मंदी का दौर है। कोरोना महामारी के दौरान तो रियल स्टेट पूरी तरह ठप हो गया। कोरोना काल में जीडीए ने अपनी विभिन्न योजनाओं में बचे भूखंड बेचने की रणनीति तैयार की। इसी योजना के तहत प्राधिकरण ने करीब तीन महीने से नीलामी प्रक्रिया का आयोजन हर हफ्ते शुरू किया। नई रणनीति के तहत प्राधिकरण ने सभी योजनाओं बचे भूखंड सार्वजनिक किए। जिससे खरीददार मौके पर जाकर अपनी मनपसंद का भूखंड देखकर भूखंड खरीद सके। ऐसे में बड़ी संख्या में व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की बिक्री होने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं।
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कोरोना काल ने लोगों को नए विकल्प तलाशने पर किया मजबूर
रियल स्टेट से जुड़े जानकारों की मानें तो कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन में बढ़ी संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। इसी के चलते लोग रोजगार के नए विकल्प तलाश रहे हैं। खुद का व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से लोग नए भूखंडों की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं। भूखंड औद्योगिक भूखंडों की खरीदारी में एक बात सामने आई है कि कई लोग मिलकर औद्योगिक भूखंड खरीदने को आगे आए हैं।
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कोट.........
प्राधिकरण के व्यावसायिक अनुभाग ने औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंडों को बेचने की नई रणनीति के तहत काम शुरू किया। सही रणनीति के चलते लोग औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंड खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं। प्राधिकरण अन्य योजनाओं में भी खाली पड़े व्यावसायिक भूखंड बेचने की योजना तैयार कर रहा है। -- संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए
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