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रिलायंस पावर प्रोजेक्ट विवाद पर भाजपा में राजनीतिक खींचतान

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 09:04 PM IST
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रिलायंस पावर प्रोजेक्ट विवाद पर भाजपा में राजनीतिक खींचतान
पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश चंद तोमर - फोटो : Amar Ujala
(नोटः हापुड़ के लिए भी)
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सबहेडः पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता रमेशचंद तोमर ने सांसद वीके सिंह के निजी सचिव की प्रेस विज्ञप्ति की भाषा पर उठाए सवाल - बोले, प्रेस रिलीज में जो भाषा इस्तेमाल हुई, वह सामान्य शिष्टाचार की सीमा में नहीं आती - पूर्व सांसद बोले, भू-माफियाओं द्वारा गैरकानूनी तरीके से किसानों की जमीन रजिस्टर्ड कराने का उठाया था मुद्दा माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। धौलाना क्षेत्र में रिलायंस पावर प्लांट के लिए 2004 में अधिग्रहित की गई जमीन के मामले में पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने सांसद वीके सिंह के निजी सचिव द्वारा जारी किए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने रिलीज में इस्तेमाल की गई भाषा को सामान्य शिष्टाचार की सीमा में नहीं आने की बात कही। पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश चंद तोमर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव द्वारा जारी किए गए बयान को समाचार पत्रों में पढ़कर मुझे घोर निराशा और कष्ट हुआ। पत्र में जिस भाषा का प्रयोग किया गया है, उसकी बुद्धिजीवी व्यक्ति से अपेक्षा नहीं की जाती। लगता है उन्होंने मेरे बयान को ठीक से नहीं देखा। इसलिए उन्होंने रिलायंस की ब्याज का मुद्दा उठाकर मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दे से इतर बात की है, जिससे प्रतीत होता है कि किसानों के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है। किसानों की जमीन का मुद्दा, जिसका ब्याज से संबंधित नहीं है। यह केवल सरकारी धन को वापस करने या न करने संबंधित व उसकी जमा करने वाली तारीख को बढ़ाकर किसानों की जमीन उनको वापस करने का सरकार से संबंधित मुद्दा है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो जमीन किसान के नाम नहीं है, उस जमीन का भू-माफियाओं द्वारा गैरकानूनी तरीके से बेहद कम दाम पर एग्रीमेंट कराया जा रहा है। ऐसे में इन तथ्यों के आधार पर किसानों को कौन गुमराह कर रहा है यह अपने आप विदित हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भू-माफियाओं के खिलाफ वर्तमान में सरकारी जमीन के एग्रीमेंट कराने पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मामले में मंत्री अगर भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग करते और कराते तो उन्हें बेहद प्रसन्नता होती। उन्होंने कहा कि मैं 40 साल से राजनीतिक कार्यकर्ता हूं, और क्षेत्र की समस्याओं के लिए लगातार संघर्षरत रहा हूं। सांसद रहते हुए कई बार लोगों की समस्याओं के निदान के लिए जेल काटी है। किसी की दया या कृपा के आधार पर या किसी की पीठ पर सवार होकर नेता नहीं बना हूं। 2014 में पार्टी ने जनरल वीके सिंह को लोकसभा प्रत्याशी बनाया था, तब मैंने पूर्व अपनी पूरी ताकत से उनको जिताने का कार्य किया था।
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उन्होंने कहा कि रिलायंस पावर प्रोजेक्ट के आंदोलन से 2004 से जुड़ा हूं। किसानों के लिए लगातार संघर्ष किया है, और जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक लड़ाई लड़ता रहूंगा। रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की जमीन को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे। जो जमीन आज की तारीख में किसानों के नाम नहीं है, ऊर्जा विभाग के नाम है, उसे भू-माफिया किसानों से अपने नाम रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करा रहे हैं। सरकारी जमीन का एग्रीमेंट कराना सरासर धोखाधड़ी है। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा किए गए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के खिलाफ 420 और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग करूंगा। इसके अलावा हजारों करोड़ के इस घोटाले की जांच की मांग के साथ इसमें लिप्त लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करूंगा।
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