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सात से दस दिन में मिल रही रिपोर्ट, बढ़ रहे संक्रमित मरीज
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सात से नौ दिन में मिल रही रिपोर्ट, बढ़ रहे संक्रमित मरीज
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- तीन हजार संदिग्धों की जांच रिपोर्ट का इंतजार
- 10 हजार का पार हो चुका है आंकड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। समय पर रिपोर्ट न मिल पाने के कारण संक्रमित मरीज दूसरों को संक्रमित कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार एक मरीज औसतन दस लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसके चलते कई परिवार के सभी सदस्य संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अब तक 10 हजार से अधिक मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 55 परिवार ऐसे हैं, जिनमें सभी लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। अभी तक तीन हजार से सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
इस समय जिले में प्रतिदिन तीन हजार से 3500 लोग कोरोना संक्रमण की जानकारी के लिए कोरोना जांच करा रहे हैं। इनमें से
1250 जांच आरटी-पीसीआर से होती हैं। इस समय जिले में महज 100 आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा मरीजों को मिल रही है। जबकि 1150 सैंपल जांच के लिए नोएडा भेजे जा रहे हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण सैंपल भेजने में दो तीन लग जाते हैं, क्योंकि हर मरीज की अलग आईडी बनाने, पैकिंग करने सहित अन्य कार्यों में समय लग जाता है। लैब में भी रिपोर्ट तीसरे या चौथे दिन मिल पाती है। इसलिए किसी संदिग्ध को रिपोर्ट मिलने में सात से आठ दिन लग जाते हैं। इसके बाद वह आइसोलेट या अस्पताल में भर्ती होता है, लेकिन इसके पहले वह घर और बाहर के औसतन दस लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। अगर नौकरीपेशा या व्यवसायी है तो और लोगों को संक्रमित करता है।
अब भी नहीं मिल पाते सभी संक्रमित मरीज
अधिकारियों की मानें तो रिपोर्ट आने के बाद पॉजिटिव मरीजों से संपर्क किया जाता है, तो जानकारी मिलती है कि 20 से 25 प्रतिशत मरीज खुद ही किसी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। 10 प्रतिशत मरीजों का नाम, पता गलत होने के साथ ही उनका फोन नंबर भी गलत होता है। 10 से 15 प्रतिशत मरीज दूसरे जिलों के होते हैं। 10 से 15 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में रहना चाहते हैं। महज 30 से 35 प्रतिशत मरीजों को एंबुलेंस के जरिए अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है।
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समय से रिपोर्ट देने का प्रयास
स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि जिले में संक्रमित मरीजों की एंटीजन रिपोर्ट 30 मिनट में मिल जाती है। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। इस दौरान जांच कराने वालों को सलाह दी जाती है कि वह रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन में रहें।
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आशुतोष यादव
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