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सफलता के किस्से: इन युवाओं ने हौसले से दी हालात को मात, कोरोना काल में तलाश ली नई राह
Sat, 26 Dec 2020 04:15 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 04:15 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
साल 2020 की शुरुआत में ही कोरोना का प्रकोप बढ़ जाने के बाद देश का हर वर्ग मुश्किल हालातों से गुजरा। इनमें से उद्योगों के लिए कोरोना के चलते हुआ लॉकडाउन सबसे बड़ी चुनौती रहा। संकट भरे समय में कुछ युवा ऐसे भी हैं, जिन्होंने अवसरों को पहचाना और उद्योग के क्षेत्र में कदम जमाए।
कोरोना के दौरान श्रमिकों का पलायन उद्योगों ने देखा। इस दौरान नए कारोबार को शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती कुशल कारीगरों और श्रमिकों की उपलब्धता की थी, लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद छोटे स्तर पर शुरू हुए कारोबार भी अब सफल कारोबार के तौर पर स्थापित हो रहे हैं।
नौकरी छोड़कर खड़ा किया खुद का व्यापार
राजनगर एक्सटेंशन निवासी सत्यम श्रीवास्तव ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने एक होटल में बतौर असिस्टेंट मैनेजर सेल्स के तौर पर जॉब की। कोरोना काल में होटल इंडस्ट्री के खराब हालात देखकर उनके मन में खुद की इंडस्ट्री शुरू करने का विचार आया, लेकिन ऐसे हालात में उद्योग शुरू करना किसी चुनौती से कम नहीं था।
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सत्यम ने बताया कि कोरोना के दौरान लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की बिक्री खूब हो रही थी। इनमें से ही एक क्षेत्र में उद्योग जमाने के आइडिया पर कार्य शुरू किया। असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर 40 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर उन्होंने मार्केट से जानकारी ली।
इसके बाद मोरटी गांव में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट का प्लांट लगाया। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को लगाने के लिए अपनी जमा पूंजी और सरकारी योजनाओं से लोन भी लिया। दो महीने पहले करीब एक करोड़ रुपये का प्लांट उन्होंने लगाया है, जिसकी शुरुआत नवंबर में की गई।
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कोरोना के दौरान श्रमिकों का पलायन उद्योगों ने देखा। इस दौरान नए कारोबार को शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती कुशल कारीगरों और श्रमिकों की उपलब्धता की थी, लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद छोटे स्तर पर शुरू हुए कारोबार भी अब सफल कारोबार के तौर पर स्थापित हो रहे हैं।
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नौकरी छोड़कर खड़ा किया खुद का व्यापार
राजनगर एक्सटेंशन निवासी सत्यम श्रीवास्तव ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने एक होटल में बतौर असिस्टेंट मैनेजर सेल्स के तौर पर जॉब की। कोरोना काल में होटल इंडस्ट्री के खराब हालात देखकर उनके मन में खुद की इंडस्ट्री शुरू करने का विचार आया, लेकिन ऐसे हालात में उद्योग शुरू करना किसी चुनौती से कम नहीं था।
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सत्यम ने बताया कि कोरोना के दौरान लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की बिक्री खूब हो रही थी। इनमें से ही एक क्षेत्र में उद्योग जमाने के आइडिया पर कार्य शुरू किया। असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर 40 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर उन्होंने मार्केट से जानकारी ली।
इसके बाद मोरटी गांव में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट का प्लांट लगाया। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को लगाने के लिए अपनी जमा पूंजी और सरकारी योजनाओं से लोन भी लिया। दो महीने पहले करीब एक करोड़ रुपये का प्लांट उन्होंने लगाया है, जिसकी शुरुआत नवंबर में की गई।
चार कारीगरों के साथ शुरू की फैक्टरी, आज कई जिलों में सप्लाई करते हैं मास्क
उद्यमी प्रवीन जैन ने कोरोना काल के दौरान अवसरों को पहचाना और मास्क उत्पादन में कदम रखा। इससे पहले वह चाय की पत्ती का कारोबार करते थे। प्रवीण जैन ने बताया कि वह चाय की पत्ती को खरीद कर उसकी पैकेजिंग कर बाजार में पहले उतारते थे, लेकिन कोरोना के दौरान ये काम धीमा पड़ने लगा तो मन में कुछ नया करने का विचार आया।
इसके बाद मास्क की फैक्टरी लगाने का निर्णय लिया। लालकुआं औद्योगिक क्षेत्र में चार कारीगरों के साथ अपनी एक छोटी यूनिट शुरू की। अब करीब 20 कारीगर उनके साथ काम कर रहे हैं और तीन हजार से चार हजार मास्क प्रतिदिन तैयार होते हैं।
उन्होंने बताया कि वक्त के साथ अवसर को पहचानने से ही कामयाबी मिल सकती है। उन्होंने बताया कि मास्क की डिमांड को देखते हुए नए ट्रेड में काम शुरू किया। अब दिल्ली, नोएडा, मेरठ और अन्य शहरों में वह मास्क की सप्लाई दे रहे हैं।
इसके बाद मास्क की फैक्टरी लगाने का निर्णय लिया। लालकुआं औद्योगिक क्षेत्र में चार कारीगरों के साथ अपनी एक छोटी यूनिट शुरू की। अब करीब 20 कारीगर उनके साथ काम कर रहे हैं और तीन हजार से चार हजार मास्क प्रतिदिन तैयार होते हैं।
उन्होंने बताया कि वक्त के साथ अवसर को पहचानने से ही कामयाबी मिल सकती है। उन्होंने बताया कि मास्क की डिमांड को देखते हुए नए ट्रेड में काम शुरू किया। अब दिल्ली, नोएडा, मेरठ और अन्य शहरों में वह मास्क की सप्लाई दे रहे हैं।