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एकेटीयू नहीं कराएगा इस बार स्पेशल कैरी ओवर परीक्षाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:07 AM IST
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परीक्षा
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च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को लागू करने के बाद अब एकेटीयू की ओर से स्पेशल कैरी ओवर परीक्षाओं पर पांबदी लगा दी है। हालांकि कैरी ओवर परीक्षाएं अभी कराई जाएंगी।
यूनिवर्सिटी के निर्देश के बाद प्रदेशभर के हजारों छात्रों को झटका लगा है। चूंकि उन्हें पास होने के लिए फिर से उसी सेमेस्टर में पढ़ाई करनी होगी। एकेटीयू की ओर से साल-2016-2017 शैक्षिक सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू किया है।
इस व्यवस्था से पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए कम से कम 60 फीसदी अंक चाहिए थे भले ही वह प्रैक्टिकल हो या लिखित परीक्षा लेकिन इतने अंक लाने हैं और तभी छात्र पास होते थे। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू होने पर फेल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ गई। जिसे देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इस प्रतिशत को घटाकर 50 फीसदी पर ला दिया।
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पूरी तरह च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के लिए कैरी ओवर परीक्षाएं समाप्त करनी होंगी। मगर इस साल प्रयोग के तौर पर कैरी ओवर परीक्षाएं तो कराई जाएंगी लेकिन स्पेशल कैरी ओवर परीक्षाएं नहीं कराने का यूनिवर्सिटी ने निर्णय लिया है।
क्रेडिट सिस्टम के ए-बी और सी देंगे अंकों जानकारी
यूनिवर्सिटी ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के बाद यूनिवर्सिटी ग्रेड सिस्टम शुरू करेगी। इस साल पहले सेमेस्टर की जो परीक्षाएं होंगी उनको ग्रेडिंग सिस्टम से ही पता चलेगा कि उनके कितने अंक है।
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यूनिवर्सिटी के निर्देश के बाद प्रदेशभर के हजारों छात्रों को झटका लगा है। चूंकि उन्हें पास होने के लिए फिर से उसी सेमेस्टर में पढ़ाई करनी होगी। एकेटीयू की ओर से साल-2016-2017 शैक्षिक सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू किया है।
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इस व्यवस्था से पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए कम से कम 60 फीसदी अंक चाहिए थे भले ही वह प्रैक्टिकल हो या लिखित परीक्षा लेकिन इतने अंक लाने हैं और तभी छात्र पास होते थे। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू होने पर फेल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ गई। जिसे देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इस प्रतिशत को घटाकर 50 फीसदी पर ला दिया।
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पूरी तरह च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के लिए कैरी ओवर परीक्षाएं समाप्त करनी होंगी। मगर इस साल प्रयोग के तौर पर कैरी ओवर परीक्षाएं तो कराई जाएंगी लेकिन स्पेशल कैरी ओवर परीक्षाएं नहीं कराने का यूनिवर्सिटी ने निर्णय लिया है।
क्रेडिट सिस्टम के ए-बी और सी देंगे अंकों जानकारी
यूनिवर्सिटी ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के बाद यूनिवर्सिटी ग्रेड सिस्टम शुरू करेगी। इस साल पहले सेमेस्टर की जो परीक्षाएं होंगी उनको ग्रेडिंग सिस्टम से ही पता चलेगा कि उनके कितने अंक है।