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नई स्थानांतरण नीति लागू, ग्रामीण स्कूलों में भेजे जाएंगे शिक्षक
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:39 AM IST
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राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रदेश में नई स्थानांतरण नीति लागू हो गई है। इस नीति के चलते जिले के अधिकांश शिक्षकों का तबादला होना तय है।
करीब 70 शिक्षकों को ग्रामीण स्कूलों में भेजा जा सकता है। स्थानांतरण की खबर से शिक्षक वर्ग में बैचेनी है। नीति को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संघ नेताओं का कहना है कि सरकार ने नई स्थानांतरण नीति का शिक्षकों को कोई लाभ नहीं होगा। बल्कि नीति के बहाने शिक्षकों को परेशान किया जाएगा।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बुधवार को सेक्टर 12 डीसी कार्यालय पर धरना दिया। संघ के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नई स्थानांतरण नीति के बहाने शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है।
फरीदाबाद जिले में शहरी क्षेत्र में शिक्षकों के अधिक पद हैं। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षकों के पद कम हैं। सरकार शिक्षकों से हर जोन में नौकरी का आप्शन देकर उन्हें दूर भेजना चाहती है।
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इसमें शिक्षकों ने कितने वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी की है, उसे ध्यान में नहीं रखा है। इसके अंक दिए हैं। जिनमें शैक्षिक स्तर ठीक है। उनके स्टाफ को भी पांच वर्ष पूरा करने पर बदलने का प्रस्ताव है। प्राथमिक शिक्षक संघ प्रारंभ से ही इस स्थानांतरण नीति का विरोध कर रहा है।
प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों की पढ़ाई अथवा शैक्षणिक परिणाम के कोई अंक नहीं दिए जा रहे हैं। सरकार शिक्षकों के तबादले अनिवार्य रूप से करने का विरोध करती है।
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करीब 70 शिक्षकों को ग्रामीण स्कूलों में भेजा जा सकता है। स्थानांतरण की खबर से शिक्षक वर्ग में बैचेनी है। नीति को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संघ नेताओं का कहना है कि सरकार ने नई स्थानांतरण नीति का शिक्षकों को कोई लाभ नहीं होगा। बल्कि नीति के बहाने शिक्षकों को परेशान किया जाएगा।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बुधवार को सेक्टर 12 डीसी कार्यालय पर धरना दिया। संघ के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नई स्थानांतरण नीति के बहाने शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है।
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फरीदाबाद जिले में शहरी क्षेत्र में शिक्षकों के अधिक पद हैं। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षकों के पद कम हैं। सरकार शिक्षकों से हर जोन में नौकरी का आप्शन देकर उन्हें दूर भेजना चाहती है।
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इसमें शिक्षकों ने कितने वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी की है, उसे ध्यान में नहीं रखा है। इसके अंक दिए हैं। जिनमें शैक्षिक स्तर ठीक है। उनके स्टाफ को भी पांच वर्ष पूरा करने पर बदलने का प्रस्ताव है। प्राथमिक शिक्षक संघ प्रारंभ से ही इस स्थानांतरण नीति का विरोध कर रहा है।
प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों की पढ़ाई अथवा शैक्षणिक परिणाम के कोई अंक नहीं दिए जा रहे हैं। सरकार शिक्षकों के तबादले अनिवार्य रूप से करने का विरोध करती है।
जानिए कैसे होंगा स्थानातंरण
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फरीदाबाद जैसे शहरी जिला के लिए यह उपयोगी नहीं है। धरने में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रेखा शर्मा, संयुक्त सचिव पवन, कोषाध्यक्ष समय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर यादव, पीतांबर दत्त, कउषा शर्मा, बीर सिंह, टेकचंद, दीनदयाल, राजेश, मुकेश कुमार और रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे।
कैसे होंगे स्थानातंरण
राज्य सरकार द्वारा लागू नई शिक्षक स्थानातंरण नीति के तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब बिना किसी सिफारिश के अपने मनपसंद स्कूल में स्थानान्तरण करवा सकेंगे।
यह नीति पूरी तरह पारदर्शी है, स्थानान्तरण चाहने वाले अध्यापक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। सबसे पहले उन अध्यापकों से, जो अपने वर्तमान स्कूल व जोन में पांच साल से कम समय से काम कर रहे है, स्थानान्तरण के लिए विकल्प मांगे जाएंगे।
पांच साल से अधिक समय एक ही स्कूल, जोन में कार्यरत अध्यापकों से भी स्थानान्तरण के विकल्प मांगे जाएंगे। इन दोनों को जोड़कर एक लिस्ट बनाई जाएगी, इसी लिस्ट को रिक्त पदों की लिस्ट माना जाएगा। जिसमें नई तबादला नीति के अनुसार 15 दिन के अन्दर-अन्दर अध्यापक को अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा।
कैसे होंगे स्थानातंरण
राज्य सरकार द्वारा लागू नई शिक्षक स्थानातंरण नीति के तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब बिना किसी सिफारिश के अपने मनपसंद स्कूल में स्थानान्तरण करवा सकेंगे।
यह नीति पूरी तरह पारदर्शी है, स्थानान्तरण चाहने वाले अध्यापक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। सबसे पहले उन अध्यापकों से, जो अपने वर्तमान स्कूल व जोन में पांच साल से कम समय से काम कर रहे है, स्थानान्तरण के लिए विकल्प मांगे जाएंगे।
पांच साल से अधिक समय एक ही स्कूल, जोन में कार्यरत अध्यापकों से भी स्थानान्तरण के विकल्प मांगे जाएंगे। इन दोनों को जोड़कर एक लिस्ट बनाई जाएगी, इसी लिस्ट को रिक्त पदों की लिस्ट माना जाएगा। जिसमें नई तबादला नीति के अनुसार 15 दिन के अन्दर-अन्दर अध्यापक को अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा।