नए शैक्षिक सत्र से पाठक्रम हो सकता है बदलाव, उद्योगों के हिसाब से होगा पाठ्यक्रम
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से तकनीकी शिक्षा में सुधार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए चल रही दो दिवसीय सेमिनार का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।
इसमें विभिन्न अधिकारी व 125 कॉलेज प्रबंधकों ने हिस्सा लिया। सेमिनार नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एकेटीयू कैंपस में हुई। जिसमें शोध, नवाचार और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से शिक्षा में बदलाव पर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। इस दौरान रोजगार को लेकर भी शैक्षिक पाठयक्रम शुरू करने पर चर्चा हुई।
प्राविधिक शिक्षा की प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने कहा कि एकेटीयू से संबंद्घ कॉलेजों के छात्रों का जैसा प्लेसमेंट होना चाहिए था, वैसा नहीं मिल रहा है। इसलिए शिक्षा में बदलाव की आवश्यकता है।
विश्वविद्यालय की ओर से एक रिव्यू कमेटी का गठन किया गया, जो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इंडस्ट्री के साथ मिलकर कोर्स तैयार करेगी। इसे समीक्षा के बाद पाठयक्रम में शामिल कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीटेक, बीफार्म, बीआर्क द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के साथ अन्य पाठ्यक्रम को भी कंपनियों के अनुसार तैयार किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक छात्रों को रोजगार मिल सकेंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई को दिया जाए बढ़ावा
ऑनलाइन पढ़ाई को दिया जाए बढ़ावा
एकेटीयू कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा कि यूनिवर्सिटी की ओर से सेमिनार में कॉलेजों को इस सत्र से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।
इसमें छात्रों को इंटरनेट और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने के साथ ऑनलाइन कौशल विकास के लिए कार्य कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस समय कॉलेजों के सामने सीट भी पूरी नहीं भरी जाने की समस्या आ रही है। इस तरह ने नए कार्य करके शिक्षा को अपग्रेड किया जाएगा जिससे सीट भरी जा सकें। पाठक ने माना कि तीन काउंसलिंग होने के बाद भी छात्र रुचि नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोर्स ही सबसे बड़ा कारण नहीं है बल्कि कॉलेजों का शैक्षिक माहौल और वहां पर सुविधाओं के अलावा छात्रों की समस्याओं को दूर न करना भी सीट खाली रहने के कारण हैं।
समस्याओं को लेकर छात्र मिले कुलपति से
एकेटीयू परिसर में चल रही सेमिनार की जानकारी होने पर दो दर्जन से अधिक छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से छात्र मिल सके। उन्होंने कहा कि कॉलेजों द्वारा उनकी कॉशन मनी वापस नहीं दी जा रही है। कुलपति ने छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही वापस करा दी जाएगी। इसके अलावा भी छात्रों ने कई समस्याएं रखीं तो कुलपति ने आश्वासन दिया कि उन सभी को दूर कराया जाएगा।