दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के दौलतराम कॉलेज में पहली कट ऑफ के दाखिले के आखिरी दिन(बुधवार) को कट ऑफ में आने के बाद भी दाखिले से मना करने पर कॉलेज में जमकर हंगामा व तोड़-फोड हुई। कॉलेज ने बुधवार को बीए प्रोग्राम कोर्स की कट ऑफ में आने के बाद भी दाखिले से मना कर दिया। इसके विरोध में डूसू अध्यक्ष अमित तंवर व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
दौलत राम कॉलेज में दाखिले से मना करने पर हंगामा और तोड़फोड़, कंप्यूटर पर फेंका पानी
हंगामे का इस कदर बरपा कि कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर लगे गमले तोड़-फोड़ दिए। कॉलेज का आरोप है कि प्रिंसिपल कार्यालय में रखा पानी का गिलास कंप्यूटर पर फेंक दिया गया। जिससे अब तक हुए दाखिलों का डाटा उडने की आशंका है। हंगामे के चलते पुलिस के आला अधिकारी कॉलेज पहुंचे। दोपहर 12 बजे के आसपास कॉलेज प्रशासन, छात्रों, अभिभावकों व कार्यकर्ताओं की बहस शुरु हुई। जिसने बाद में हंगामे का रुप ले लिया। इस दौरान एक छात्रा बेहोश भी हो गई। बताया जा रहा है कि तोड़-फोड़ केदौरान उसे चोटे आई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हंगामा बढ़ जाने के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से घोषणा की गई कि जिनके दस्तावेजों का सत्यापन हो चुका है और कॉलेज परिसर में 1.30 बजे से पहले आ चुके हैं उनको दाखिला दिया जाएगा। दो घंटे तक हुए इस हंगामे के बाद कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया काफी देर के लिए अटक गई। इस दौरान दिल्ली स्टूडेंट वेलफेयर केअधिकारी और प्रॉक्टर ऑफिस के अधिकारी भी मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे।
हंगामे के बाद भारी पुलिस ने स्थिति को संभाला। एक बार फिर डूसू अध्यक्ष अमित तंवर और कॉलेज स ्टॉफ के बीच बहस हुई, जिसके बाद कॉलेज ने कहा कि वह बीए प्रोग्राम में राजनीति शास्त्र व इतिहास विषयों के साथ दाखिला नहीं दे सकते। जबकि बीए प्रोग्राम में ओर कोई कोर्स कॉम्बिनेशन पर दाखिला लिया जा सकता है।
यह है मामला?
दौलतराम कॉलेज में बीए प्रोग्राम केलिए राजनीति शास्त्र व इतिहास विषय के कोर्स कॉम्बिनशन के साथ सीटों से पांच गुणा दाखिले हो गए हैं। ऐसे में बुधवार को भी छात्र इन्हीं कोर्स कॉम्बिनेशन केसाथ दाखिला लेने के लिए पहुंचे। मंगलवार को अभिभावक अपने बच्चों के साथ दाखिला लेने के लिए पहुंचे थे। अभिभावकों का आरोप है कि कॉलेज ने बुधवार को दाखिला देने से मना कर दिया जबकि वह कट ऑफ में आ रहे थे। नियम के मुताबिक कट ऑफ के आखिरी दिन तक उस कट ऑफ में आने वाले सभी छात्रों को कॉलेज को दाखिला देना होता है। जबकि कॉलेज का कहना था कि यह नियम बीए प्रोग्राम पर लागू नहीं होता। यह नियम केवल ऑनर्स विषयों के लिए है। डीयू केअधिकारियों के अनुसार यदि छात्र कट ऑफ में आ रहा है तो कॉलेज को उसी कट ऑफ में उसे दाखिला देना होता है भले ही सीटें भर जाएं।