छात्रसंघ चुनाव को सरकार ने दी मंजूरी, कैंपस में तेज हुई हलचल
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लोकतंत्र की पाठशाला कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव बहाली को मनोहर सरकार ने हरी झंडी दे दी है। करीब 20 साल बाद फिर से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव होंगे।
उम्मीद है कि अगस्त-सितंबर माह में चुनाव कराए जा सकते है। चुनाव बहाली की मंजूरी के साथ कैंपस में माहौल गरमा गया है। छात्र संगठनों ने जहां सरकार के निर्णय का स्वागत किया। वहीं, अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया पर ऐतराज भी जताया।
दरअसल, प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व में आई मनोहर सरकार से छात्रों को छात्र संघ चुनाव बहाली की उम्मीद थी। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में चुनाव बहाली को मुद्दा बनाकर छात्रों को लुभाने की कोशिश की थी।
इसलिए अक्तूबर 2014 को सत्ता में आने के बाद सरकार पर लगातार छात्र संगठन चुनाव बहाली का दबाव बना रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने मंत्रियों संग बैठक कर छात्र संघ चुनाव बहाली को सैद्धांतिक मंजूरी दी। अब इसका प्रस्ताव कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा।
जानिए क्यों लगा हुआ था चुनाव पर प्रतिबंध
जानकारों की मानें तो 90 के दशक में छात्रसंघ चुनाव के दौरान विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र नेताओं की हत्या, हिंसा और राजनीतिक पार्टियों की दखलंदाजी बढने के कारण कुलपतियों की सिफारिश पर वर्ष 1996-97 के सत्र से पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल छात्र संघ चुनाव पर रोक लगा दी थी।
प्रतिबंध के बावजूद विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो), नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) जैसे संगठन लगातार छात्र संघ चुनाव की मांग करते रहे। लेकिन सरकार टस से मस नहीं हुई।
घोषणा पत्र में सिमटा छात्र संघ चुनाव
प्रतिबंध के बावजूद राजनीतिक पार्टियां कभी भी छात्र संघ चुनाव को भूला नहीं पाई। हर विधानसभा चुनाव में इनेलो, कांग्रेस, भाजपा अपने घोषणा पत्र में चुनाव बहाली को मुद्दा जरूरी बनाई।
हालांकि सरकार गठन के बाद इनेलो ने अपने पांच साल और कांग्रेस शासन के 10 साल में कभी छात्र चुनाव को बहाल करने की हिम्मत नहीं दिखाई। मौजूदा सरकार ने छात्र संघ चुनाव पर लगा बैरियर हटाने की मंजूरी देकर छात्र राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अभी चुनाव की तारीख तय नहीं है।
लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकार शुरुआती तौर पर विश्वविद्यालय और बड़े कॉलेजोंर में छात्र संघ चुनाव कराएगी। जिले के वाईएमसीए तकनीकी विश्वविद्यालय और निजी कॉलेजों में चुनाव होने की संभावना कम है।