फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Student elections were approved by the government, has sparked a stir on campus

छात्रसंघ चुनाव को सरकार ने दी मंजूरी, कैंपस में तेज हुई हलचल

Thu, 23 Jun 2016 01:36 AM IST
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 23 Jun 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
Student elections were approved by the government, has sparked a stir on campus

लोकतंत्र की पाठशाला कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव बहाली को मनोहर सरकार ने हरी झंडी दे दी है। करीब 20 साल बाद फिर से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव होंगे।

विज्ञापन


उम्मीद है कि अगस्त-सितंबर माह में चुनाव कराए जा सकते है। चुनाव बहाली की मंजूरी के साथ कैंपस में माहौल गरमा गया है। छात्र संगठनों ने जहां सरकार के निर्णय का स्वागत किया। वहीं, अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया पर ऐतराज भी जताया।

विज्ञापन

 

 दरअसल, प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व में आई मनोहर सरकार से छात्रों को छात्र संघ चुनाव बहाली की उम्मीद थी। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में चुनाव बहाली को मुद्दा बनाकर छात्रों को लुभाने की कोशिश की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए अक्तूबर 2014 को सत्ता में आने के बाद सरकार पर लगातार छात्र संगठन चुनाव बहाली का दबाव बना रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने मंत्रियों संग बैठक कर छात्र संघ चुनाव बहाली को सैद्धांतिक मंजूरी दी। अब इसका प्रस्ताव कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा।

जानिए क्यों लगा हुआ था चुनाव पर प्रतिबंध

Student elections were approved by the government, has sparked a stir on campus
क्यों लगा हुआ था चुनाव पर प्रतिबंध
जानकारों की मानें तो 90 के दशक में छात्रसंघ चुनाव के दौरान विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र नेताओं की हत्या, हिंसा और राजनीतिक पार्टियों की दखलंदाजी बढने के कारण कुलपतियों की सिफारिश पर वर्ष 1996-97 के सत्र से पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल छात्र संघ चुनाव पर रोक लगा दी थी।

प्रतिबंध के बावजूद विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो), नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) जैसे संगठन लगातार छात्र संघ चुनाव की मांग करते रहे। लेकिन सरकार टस से मस नहीं हुई।

घोषणा पत्र में सिमटा छात्र संघ चुनाव
प्रतिबंध के बावजूद राजनीतिक पार्टियां कभी भी छात्र संघ चुनाव को भूला नहीं पाई। हर विधानसभा चुनाव में इनेलो, कांग्रेस, भाजपा अपने घोषणा पत्र में चुनाव बहाली को मुद्दा जरूरी बनाई।

हालांकि सरकार गठन के बाद इनेलो ने अपने पांच साल और कांग्रेस शासन के 10 साल में कभी छात्र चुनाव को बहाल करने की हिम्मत नहीं दिखाई। मौजूदा सरकार ने छात्र संघ चुनाव पर लगा बैरियर हटाने की मंजूरी देकर छात्र राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अभी चुनाव की तारीख तय नहीं है।

लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकार शुरुआती तौर पर विश्वविद्यालय और बड़े कॉलेजोंर में छात्र संघ चुनाव कराएगी। जिले के वाईएमसीए तकनीकी विश्वविद्यालय और निजी कॉलेजों में चुनाव होने की संभावना कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed