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छात्रों में कम हो रहा इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट, कॉलेज कोर्स सरेंडर के लिए तैयार

Tue, 07 Jun 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 07 Jun 2016 02:10 AM IST
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Reduced engineering and management students, college course ready to surrender
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एकेटीयू से संबंध कॉलेजों की लगातार हालत खस्ता होती जा रही है और सीटें खाली रहने के कारण खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

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 प्रदेश के 37 कॉलेजों ने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के कोर्स सरेंडर करने के लिए अर्जी दी है, जबकि 12 कॉलेजों ने सीटें कम करने के लिए आवेदन किया है। यूनिवर्सिटी की ओर से इन अर्जियों पर विचार करना शुरू कर दिया है और जल्द ही उनको शासन के पास भेज दिया जाएगा।
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दरअसल, एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक यूनिवर्सिटी से संबंध करीब 120 कॉलेज हैं और उनमें करीब 80 हजार सीटें हैं। लेकिन पिछले तीन साल से लगातार कॉलेजों में बीटेक, एमबीए और एमसीए समेत कई अन्य कोर्सों में सीटें आधी भी नहीं भर पा रही हैं।
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इतना ही नहीं कुछ कॉलेज तो ऐसे हैं जिनमें कई-कई सौ सीट होने के बावजूद 30 से 40 छात्र-छात्राएं ही दाखिला ले पाते थे। ऐसे कॉलेज शिक्षक और लैब तथा अन्य खर्चों को भी नहीं निकाल पा रहे।


इसी के साथ-साथ कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को प्लसेमेंट भी अच्छा नहीं हो पा रहा था। इससे कॉलेजों की हालत और भी ज्यादा खराब हो रही है।

यूपीएसईई एग्जाम में भी छात्र-छात्राओं की संख्या पिछले तीन साल से लगातार कमी हो रही थी। इस साल घटकर करीब एक लाख 90 हजार ही रह गई। गौतमबुद्घनगर की ओर से छह कॉलेज पहले ही कोर्स समाप्त करने के लिए आवेदन कर चुके।

अब कुछ और कॉलेजों ने सीट कम करने के लिए आवेदन किया है। वहीं एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक का कहना है कि कुछ कॉलेजों ने कोर्स सरेंडर के लिए आवेदन दिए और उन पर विचार चल रहा है, जबकि कुछ कॉलेजों ने सीटें कम करने के लिए आवेदन किए।

इन पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस बार काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है जिससे कॉलेजों में दाखिले की समस्या नहीं होगी।

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