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सरकारी स्कूलों में फ्लॉप रही पीटीएम, अभिभावकों का इंतजार करते रहे शिक्षक

Tue, 18 Oct 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 18 Oct 2016 12:03 AM IST
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PTM  flop in government schools, parents waited teacher
सरकारी स्कूल में पीटीएम - फोटो : अमर उजाला

निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शिक्षक-अभिभावक मीटिंग (पीटीएम) की शुरुआत तो कर दी गई, लेकिन यह व्यवस्था चलती नहीं दिख रही। 

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लापरवाही का आलम यह रहा कि सोमवार को जिले के स्कूलों में आयोजित हुई पीटीएम में गिनेचुने अभिभावक पहुंचे। सरकार की ओर से लागू हुआ पीटीएम फॉर्मूला सुपर फ्लॉप साबित हुआ। 
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अधिकांश अभिभावकों ने स्कूलों में पहुंचकर महज खानापूर्ति की। स्कूलों ने भी रिपोर्ट बना औपचारिकता निभाई। सही मायने में सरकार की इस योजना का लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। पीटीएम की हकीकत जानने के लिए संवाददाता मुकेश शर्मा ने स्कूलों का जायजा लिया। पेश है रिपोर्ट:-
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समय: सुबह 9:36 बजे
स्थान: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चंदावली
पीटीएम को लेकर स्कूल में तैयारियां की गई थी, लेकिन अभिभावक नदारद थे। महज तीन अभिभावक स्कूल पहुंचे। अभिभावकों की बेरुखी स्कूल प्रशासन का उत्साह फीका कर रही थी। अध्यापिका ऊषा चौहान ने बताया कि अभिभावकों को फोन भी किए गए लेकिन ज्यादातर ने रुचि नहीं दिखाई। 

समय: सुबह 10:25 बजे 
स्थान: राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल दयालपुर 
यहां भी पीटीएम को लेकर महज खानापूर्ति होती दिखाई दी। हालांकि, स्कूल प्रशासन पीटीएम सफल होने का दावा कर रहा था, लेकिन स्कूल की कक्षाएं खाली पड़ी थीं। इक्का दुक्का अभिभावक ही स्कूल में दिखाई दिए। पीटीएम में पहुंची एक महिला अभिभावक से जब उसकी बेटी की कक्षा के बारे में पूछा गया तो वह जवाब नहीं दे पाई। अध्यापिका ने बताया कि उनकी कक्षा में 37 बच्चे हैं लेकिन महज 10 ही पीटीएम में पहुंचे। 

समय : 10:45 बजे 
स्थान : राजकीय उच्च स्कूल गढ़खेड़ा 
गढ़खेड़ा स्थित राजकीय स्कूल में स्कूल, ग्राम पंचायत और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) पीटीएम को लेकर अलर्ट दिखी, लेकिन अभिभावक नदारद थे। एक कक्षा में तीन-चार महिलाएं खड़ी दिखाई दीं, उनसे पूछा गया कि पीटीएम क्या होती है तो एक महिला ने तपाक से जवाब दिया कि हमें तो मास्टर जी ने बुलाया था। यहां के हालात देखकर मालूम पड़ा कि पीटीएम के बारे में अभिभावकों में जागरूकता ही  नहीं है। 

समय: सुबह 11:20 बजे 
स्थान: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पन्हैड़ा खुर्द
यहां पीटीएम जैसा माहौल दिखाई नहीं दिया लेकिन स्कूल प्रधानाचार्य पूनम मेहता पीटीएम सफल होने का दावा कर रहीं थीं। उन्होंने सफाई दी कि फसलों की कटाई का सीजन होने के कारण सुबह जल्दी अभिभावक स्कूल आ गए थे। यहां के प्राथमिक स्कूल में 68 में से 50 अभिभावकों के पीटीएम में आने की बात कही गई।


समय: दोपहर 12:25 बजे 
स्थान: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल फतेहपुर बिल्लौच  
विधायक टेकचंद शर्मा ने इस स्कूल को गोद लिया हुआ है। लेकिन यहां भी अभिभावकों में जागरूकता की कमी दिखी। कार्यवाहक  प्रधानाचार्य बशीर अहमद ने बताया कि स्कूल में 550 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन पीटीएम में सिर्फ 145 अभिभावक ही पहुंचे। इसी तरह डीग स्थित राजकीय उच्च स्कूल में 247 और  लढ़ौली स्थित प्राथमिक स्कूल सिर्फ 16 अभिभावकों ने पीटीएम में हिस्सा लिया। 

 

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