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पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती मामला : छात्रों ने जमकर किया हंगामा, गार्डों ने की हवाई फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:51 AM IST
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हंगामा करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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भारत विकास ग्रुप (बीवीजी) कंपनी पर फर्जीवाडे़ का आरोप लगा रहे छात्रों ने शनिवार दोपहर को सिंबयोसिस शिक्षण संस्थान के सामने जमकर प्रदर्शन किया। जब छात्रों ने संस्थान को गेट के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया तो भीड़ को देखकर गार्डों ने हवाई फायरिंग कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह छात्रों को शांत किया।
उग्र छात्रों ने बीवीजी कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। छात्रों के मुताबिक राजस्थान समेत कई प्रदेशों के करीब 700 छात्र-छात्राओं को बीवीजी कंपनी ने मार्च 2016 में एक विज्ञापन के माध्यम से दिल्ली बुलाया था।
अभ्यर्थियों को एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ तैनात कराने के लिए नोएडा के सिंबयोसिस शिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया था। करीब सात सौ छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और उसमें करीब 140 अभ्यर्थियों को पास किया गया।
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शेष फेल हो गए। छात्रों का आरोप है कि ट्रेनिंग में कोई शुल्क नहीं बताया गया और फिर शुल्क लेते हुए 2500 रुपये फीस बताई गई। मगर दो दिन बाद फिर मैसेज भेजकर सर्विस टैक्स के साथ 2850 रुपये कंपनी ने मांगना शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि कंपनी ने केवल अपने रिश्तेदार और सगे संबंधियों को ही परीक्षा में नकल कराकर पास किया है। इसी के चलते छात्र-छात्राएं सिंबयोसिस शिक्षण संस्थान पर पहुंचे और विरोध किया। जब छात्र उग्र हो गए और उन्होंने संस्थान का गेट तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया तो सुरक्षा गार्ड ने हवाई फायरिंग कर छात्रों को रोका।
19 हजार रुपये देने का किया था वादा
बीवीजी कंपनी का दिल्ली सरकार से एक कांट्रेक्ट हुआ है, जो करीब 750 रिक्त स्थान बताते हुए एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने के लिए कार्रवाई शुरू की थी और एक माह के प्रशिक्षण के बाद 19 हजार रुपये पेमेंट देने का दावा किया गया था। मगर प्रशिक्षण के बाद परिक्षा में अधिकतर छात्र फेल कर दिए गए।
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उग्र छात्रों ने बीवीजी कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। छात्रों के मुताबिक राजस्थान समेत कई प्रदेशों के करीब 700 छात्र-छात्राओं को बीवीजी कंपनी ने मार्च 2016 में एक विज्ञापन के माध्यम से दिल्ली बुलाया था।
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अभ्यर्थियों को एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ तैनात कराने के लिए नोएडा के सिंबयोसिस शिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया था। करीब सात सौ छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और उसमें करीब 140 अभ्यर्थियों को पास किया गया।
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शेष फेल हो गए। छात्रों का आरोप है कि ट्रेनिंग में कोई शुल्क नहीं बताया गया और फिर शुल्क लेते हुए 2500 रुपये फीस बताई गई। मगर दो दिन बाद फिर मैसेज भेजकर सर्विस टैक्स के साथ 2850 रुपये कंपनी ने मांगना शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि कंपनी ने केवल अपने रिश्तेदार और सगे संबंधियों को ही परीक्षा में नकल कराकर पास किया है। इसी के चलते छात्र-छात्राएं सिंबयोसिस शिक्षण संस्थान पर पहुंचे और विरोध किया। जब छात्र उग्र हो गए और उन्होंने संस्थान का गेट तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया तो सुरक्षा गार्ड ने हवाई फायरिंग कर छात्रों को रोका।
19 हजार रुपये देने का किया था वादा
बीवीजी कंपनी का दिल्ली सरकार से एक कांट्रेक्ट हुआ है, जो करीब 750 रिक्त स्थान बताते हुए एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने के लिए कार्रवाई शुरू की थी और एक माह के प्रशिक्षण के बाद 19 हजार रुपये पेमेंट देने का दावा किया गया था। मगर प्रशिक्षण के बाद परिक्षा में अधिकतर छात्र फेल कर दिए गए।