फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Other issues, including the fees the complaint, will soon take action

ज्यादा फीस समेत अन्य समस्याओं पर करें शिकायत, जल्द होगी कार्रवाई

Thu, 28 Jul 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 28 Jul 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
Other issues, including the fees the complaint, will soon take action
स्टूडेंट - फोटो : Demo pic

एकेटीयू की ओर से प्रदेश भर के सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वह चौथी कांउसलिंग तक हर छात्र की डिटेल 31 जुलाई तक अपडेट कर दें। यूनिवर्सिटी ने साफ-साफ निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी छात्र द्वारा कॉलेज की शिकायत की गई कि उससे अधिक फीस ली गई है तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

विज्ञापन


अभी तक यूपीएसईई की चार कांउसलिंग लगभग पूरी हो चुकी हैं और पांचवीं 2 अगस्त से शुरू हो जाएगी। सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर 31 जुलाई तक कॉलेज छात्रों की संख्या और ब्रांच अपडेट कर दें। 
विज्ञापन


कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बताया कि छात्रों के लिए पारदर्शिता की पूरी व्यवस्था की गई है। यूपीएसईई-2016 पोर्टल पर छात्रों प्रोविजनल अलाटमेंट लेटर अपलोड कर सकते हैं और उस पर फीस से लेकर अन्य सभी जानकारी हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र कांउसलिंग में दी गई फीस जमा करने के बाद ट्यूशन फीस ही जमा करें। अलाटमेंट लेटर में हर जानकारी दे रखी है और उसकी जानकारी छात्र कर सकते हैं। 

यदि छात्रों के साथ किसी कॉलेज ने कोई धोखा किया है या फीस के नाम पर कुछ अलग से राशि ली है तो उसकी भी शिकायत की जा सकती है। अगर किसी भी कॉलेज की कोई शिकायत आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी के लिए सबसे पहले छात्र हित हैं।

सीबीसीएस को लागू करने के लिए मांगे सुझाव
एकेटीयू की ओर से साल 2016-2017 में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। सीबीसीएस लागू करने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से पाठ्यक्रम बनाकर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। 


इस संबंध में किसी भी प्रकार की यदि कोई प्रोफेसर या कॉलेज प्रबंधन जानकारी या सुझाव देना चाहते हैं तो वह यूनिवर्सिटी की डीनडाटयूजीएसई साइट पर अपडेट करा सकता है। यह जानकारी यूजी डीन प्रोफेसर विनय कटियार ने दी। उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के लिए तैयार किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed