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प्राइमरी स्कूलों में 57 फीसदी जेबीटी शिक्षकों की है कमी 

Sat, 10 Sep 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 10 Sep 2016 12:04 AM IST
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JBT teachers in primary schools is 57 per cent decrease
स्कूल - फोटो : डेमो

जिस जिले के प्राइमरी स्कूलों में 57 फीसदी शिक्षकों की कमी होगी वहां शिक्षा का स्तर कितना सुधरेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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ये हाल है औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की। मानव आवाज संस्था गुडग़ांव के सं अभय जैन द्वारा आरटीआई से मांगी गई सूचना में शिक्षा विभाग ने जो जानकारी दी है उसके तहत यहां के 57 फीसदी स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों की कमी है। 
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हैरानी की बात यह है कि अंग्रेजी, हिंदी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए भी पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। 

आरटीआई में शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के तहत फरीदाबाद ब्लाक  में स्थित प्राइमरी स्कूलों में कुल 890 जेबीटी शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। 
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लेकिन वर्तमान में महज 385 शिक्षक ही स्कूलों में उपलब्ध हैं। 279 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। यही नहीं अंग्रेजी के 74 स्वीकृत पदों में से 27 शिक्षक, हिंदी के 67 में से 25 और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए स्वीकृत 47 में से 23 पद खाली हैं। 

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान चतर सिंह का कहना है कि शिक्षकों की कमी को लेकर एमएलए, एमपी समेत शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों को लिखित में कई बार जानकारी दी गई है लेकिन शिक्षकों के पद नहीं भरे जा रहे हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि जिले के प्राइमरी स्कूलों में 190 पद स्कूल मुखिया के लिए स्वीकृत हैं जिनमें से 172 पद खाली है। इन स्कूल मुखिया का भार अन्य शिक्षकों पर पड़ रहा है। 

यानी एक स्कूल मुखिया पर 40 बच्चों का भार होता है। मुखिया न होने से उन बच्चों का भार दूसरे शिक्षकों पर पडना लाजिमी है। ऐसे में शिक्षा का स्तर कैसे और कितना सुधरेगा सोचने वाली बात है।

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