{"_id":"577a6b754f1c1b6c107f9dfc","slug":"iti-will-make-no-medical-certificate-for-admission","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीआई एडमिशन के लिए अब नहीं बनवाना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
आईटीआई एडमिशन के लिए अब नहीं बनवाना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 05 Jul 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
स्टूडेंट
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अब मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। पिछले साल तक दाखिला प्रक्रिया के दौरान इसकी अनिवार्यता थी।
जिसके चलते आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आईटीआई महानिदेशक ने आदेश जारी कर इस बाध्यता को खत्म कर दिया है। विद्यार्थी अपने मनपसंद ट्रेड में प्रवेश ले लेते थे।
ऐसे में मामूली रूप से निशक्त छात्रों को भी बाद में काफी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने पिछले सत्र से प्रवेश के समय ही मेडिकल टेस्ट अनिवार्य कर दिया था।
विज्ञापन
शर्त होने के कारण कई निशक्त विद्यार्थी अपने मनपंसद ट्रेड में दाखिला नहीं ले पाए। जिसके कारण उन्होंने सीएम विंडो और अन्य माध्यमों से महानिदेशक के पास शिकायत दर्ज कराई। विद्यार्थियों की मांग पर महानिदेशक ने शर्त को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं।
निशक्तों के लिए तीन प्रतिशत सीटें आरक्षित
आईटीआई में प्रवेश के लिए विद्यार्थी को एससी-एसटी समेत अन्य सभी कैटेगिरी को अलग-अलग आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही अशक्त विद्यार्थियों के लिए भी संस्थान की कुल सीटों में तीन प्रतिशत आरक्षण होता है।
विज्ञापन
जिसके चलते आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आईटीआई महानिदेशक ने आदेश जारी कर इस बाध्यता को खत्म कर दिया है। विद्यार्थी अपने मनपसंद ट्रेड में प्रवेश ले लेते थे।
विज्ञापन
ऐसे में मामूली रूप से निशक्त छात्रों को भी बाद में काफी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने पिछले सत्र से प्रवेश के समय ही मेडिकल टेस्ट अनिवार्य कर दिया था।
विज्ञापन
शर्त होने के कारण कई निशक्त विद्यार्थी अपने मनपंसद ट्रेड में दाखिला नहीं ले पाए। जिसके कारण उन्होंने सीएम विंडो और अन्य माध्यमों से महानिदेशक के पास शिकायत दर्ज कराई। विद्यार्थियों की मांग पर महानिदेशक ने शर्त को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं।
निशक्तों के लिए तीन प्रतिशत सीटें आरक्षित
आईटीआई में प्रवेश के लिए विद्यार्थी को एससी-एसटी समेत अन्य सभी कैटेगिरी को अलग-अलग आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही अशक्त विद्यार्थियों के लिए भी संस्थान की कुल सीटों में तीन प्रतिशत आरक्षण होता है।