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सरकारी स्कूल के बच्चे लगाएंगे झाड़ू, हफ्ते में एक दिन करनी पड़ेगी सफाई

Sun, 31 Jul 2016 04:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 31 Jul 2016 04:57 PM IST
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government students must have to clean school one day in a week
- फोटो : Getty
प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सुधारने की बजाए अब नौनिहालों को झाड़ू थमा कर स्वच्छ भारत अभियान में जोड़ने की तैयारी कर रही है। स्वच्छता को आदत बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने तय किया है कि सप्ताह के 1 दिन प्रत्येक छात्र अपने क्लास रूम की सफाई करेगा।
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इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। शिक्षक संगठन व अभिभावकों ने फैसले को गलत बताया।
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स्वच्छ भारत मिशन जोर-शोर से शुरू हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खास असर दिखाई नहीं दिया।  फिसड्डी अभियान में जान फूंकने के लिए अधिकारियों ने इसमें नौनिहालों को जोड़ने का सुझाव दिया है।
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तर्क है कि इससे छात्र खुद की स्वच्छता के साथ-साथ श्रम की महत्ता को भी समझ सकेगा। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की सहमति के बाद इसे अगस्त माह से लागू किया जाएगा, यानि अगस्त से नौनिहाल किताबों के साथ झाड़ू भी उठाते नजर आएंगे।

पहले से ही शिक्षा में पिछड़े हुए हैं सरकारी स्कूल

government students must have to clean school one day in a week

दरअसल, सच्चाई से आंकलन किया जाए तो सरकारी स्कूल पहले से ही शिक्षा के मामले में पिछड़े हुए हैं। 10वीं व 12वीं की परीक्षा में इन स्कूलों के आधे बच्चे 35 फीसदी अंक नहीं जुटा पाते। लिहाजा, सफाई की यह नई योजना शिक्षाविदों के गले नहीं उतर रही है।

क्लास रूमों की सफाई करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सरकार को इससे आगे का विचार करने की जरूरत है। आज भी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी नहीं हैं। -चतर सिंह, जिला प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ

सरकार की सोच है कि स्कूल स्तर पर ही छात्रों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाए, ताकि वह बड़े होकर उसे अपने जीवन में लागू कर सकें। 
डॉ. मनोज कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी

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