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विश्व में शांति लाने के लिए भारत निभा सकता अग्रणी भूमिका: दलाई लामा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:23 AM IST
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dalai lama
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विश्व में शांति लाने के लिए भारत एक महत्वपूर्ण व अग्रणी भूमिका निभा सकता है। इंडिया स्थायी और लोकतांत्रिक देश है। यह बात तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा ने बृहस्पतिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आइडियाज ऑफ हारमोनियस को-एग्जिसटेंस: धर्म और दर्शनशास्त्र विषय पर आयोजित सम्मेलन में कही।
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इस मौके पर जेएनयू के कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार समेत अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। इस मौके पर दाऊदी बोहरा समुदाय के प्रमुख सैयदना तेहर फरखरूद्दीन साहब ने हिज होलीनेस द दलाई लामा को पहले तकरीब पुरस्कार से सम्मानित भी किया।
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दलाई लामा ने कहा कि गुस्सा और करूणा दोनों तरह के इमोशन भारतीयों में है। भारत की प्राचीन ज्ञान से हमे दोनों को नियंत्रित करते है। उन्होंने कहा कि मैं 82 साल का हूं लेकिन आगे अपने जीवन में भारत की प्राचीन ज्ञान को जिंदा रखने और और प्रचार प्रसार पर ही काम करूंगा।
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मुझे लगता है की भारत विश्व में शांति की दिशा में अच्छी हल कर सकता है। उन्होंने की आबादी बहुत है फिर भी मजबूत लोकतंत्र के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि हमे पाजिटिव इमोशन यानि प्यार की तरफ बढना चाहिए।
जेएनयू में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द के सिद्धांत और प्रथाओं का पता लगाने के लिए विद्वानों और सामुदायिक नेताओं को एक साथ लाने के लिए किया गया।
संगोष्ठी में धार्मिक विचारधारा, राजनीति, नेतृत्व और शांति, वर्तमान में शांति के पूर्ववर्ती उदाहरणों समकालीन भारत में पहचान, समकालीन राजनीति और दर्शन समेत अनेक मुद्दों पर चर्चा भी की गई।
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