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कॉलेजों ने रोके छात्रों के मूल दस्तावेज, अंधेरे में भविष्य
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:04 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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कॉलेजों की ढांचागत सुविधाओं की कमी से ऊबकर दूसरे संस्थानों में जाने का प्रयास करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पूर्व में एडमिशन देने वाले कॉलेजों ने एक ओर जहां उनकी फीस वापस नहीं की है।
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वहीं, उनके मूल दस्तावेज भी न वापस करने के कारण उनको दूसरे कॉलेजों एडमिशन भी नहीं मिल रहा है। इससे उनका साल भी खराब होने की कगार पर है। छात्रों ने इसकी शिकायत एकेटीयू समेत जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को भी की है।
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नॉलेज पार्क स्थित कुछ कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले मोहम्मद आसिफ परवेज, सबा मुजफ्फर नदीम, मोहम्मद नियाज, अब्दुर राशिद समेत कई छात्रों ने बताया कि इन संस्थानों में ढांचागत सुविधाओं की कमी के चलते उनकी शिक्षा पर असर हो रहा था।
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भविष्य को ध्यान में रखते हुए छात्रों ने संस्थानों से फीस और जमा मूल दस्तावेज वापस मांगे। जिससे वह दूसरे कॉलेजों में एडमिशन ले सके। छात्रों का आरोप है कि कॉलेजों के कई बार चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें मूल दस्तावेज वापस नहीं किए गए।
इस मामले में छात्रों ने एकेटीयू को भी शिकायत की है। वहीं, छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देकर मामले में हस्तक्षेप कर उनके प्रमाणपत्रों को वापस दिलाने की मांग की है।
उनका आरोप है कि कॉलेज जानबूझकर मूल दस्तावेजों को देने में देरी कर रहे हैं जिससे उन्हें किसी दूसरे कॉलेजों में एडमिशन न मिल सके।