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कॉलेजों ने 90 शिक्षकों को दिखाया बाहर का रास्ता, एकेटीयू ने पूछा कारण
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:01 AM IST
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जिले के निजी शिक्षण संस्थानों से पिछले तीन माह में करीब 90 शिक्षकों को कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी कॉलेजों को नोटिस भेजकर तीन माह में रिपोर्ट तलब की है।
बता दें कि पिछले दिनों एकेटीयू से संबद्ध प्रदेश के 50 से अधिक निजी संस्थानों ने हजारों की संख्या में शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह शिक्षक तीन माह से बेरोजगार हुए हैं।
जब कॉलेजों से यूनिवर्सिटी ने इनकी फैकल्टी के बारे में जानकारी मांगी थी तो इन्हीं कॉलेजों ने निकाले गए शिक्षकों की तारीफ की थी। गौतमबुद्घनगर में पिछले तीन माह में करीब 90 शिक्षकों को घर बैठा दिया है। इस मामले की शिकायत लेकर कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए और कॉलेजों से जवाब मांगा है कि उनको इस तरह क्यों निकाला गया।
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'यूनिवर्सिटी के शासनादेश के मुताबिक,किसी भी शिक्षक को नौकरी से निकालने से पहले तीन माह का नोटिस दिया जाता। मगर इस समय प्रदेश के कुछ कॉलेजों ने शिक्षकों को अकारण ही कॉलेज से निकाल दिया है। कॉलेजों को नोटिस भेजा है और तीन माह में कारण सहित जवाब मांगा है।'
- प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति एकेटीयू
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बता दें कि पिछले दिनों एकेटीयू से संबद्ध प्रदेश के 50 से अधिक निजी संस्थानों ने हजारों की संख्या में शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह शिक्षक तीन माह से बेरोजगार हुए हैं।
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जब कॉलेजों से यूनिवर्सिटी ने इनकी फैकल्टी के बारे में जानकारी मांगी थी तो इन्हीं कॉलेजों ने निकाले गए शिक्षकों की तारीफ की थी। गौतमबुद्घनगर में पिछले तीन माह में करीब 90 शिक्षकों को घर बैठा दिया है। इस मामले की शिकायत लेकर कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए और कॉलेजों से जवाब मांगा है कि उनको इस तरह क्यों निकाला गया।
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'यूनिवर्सिटी के शासनादेश के मुताबिक,किसी भी शिक्षक को नौकरी से निकालने से पहले तीन माह का नोटिस दिया जाता। मगर इस समय प्रदेश के कुछ कॉलेजों ने शिक्षकों को अकारण ही कॉलेज से निकाल दिया है। कॉलेजों को नोटिस भेजा है और तीन माह में कारण सहित जवाब मांगा है।'
- प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति एकेटीयू