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स्कूलों में आधा सत्र बीतने पर भी नहीं मिली किताबें

Thu, 08 Sep 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 08 Sep 2016 12:02 AM IST
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At the end of the session did not have half the books in schools
School

यूपी सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को बैग देने की घोषणा की है। लेकिन फिलहाल बैग से जरूरी पाठ्य पुस्तकें हैं। आधा सत्र बीतने को आ गया है लेकिन अब तक किताबें नहीं मिली हैं।

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अभिभावकों का कहना है कि किताबें ही नहीं होंगी तो बैग का क्या काम। गौतमबुद्ध नगर में प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में करीब 80 हजार बच्चों का दाखिला है। ये बच्चे पहली से आठवीं कक्षा तक में पढ़ रहे हैं। 
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आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के ऐसे बच्चों के परिजन इन्हें अपने खर्च पर किताबें नहीं दिला सकते। यही वजह है कि सरकार की ओर से बच्चों को पाठ्य पुस्तकें दिलाई जाती हैं।
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लेकिन आलम यह है कि अप्रेल से सत्र शुरू होने के बावजूद सितंबर तक बच्चों को किताबें नहीं मिली है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का क्या हाल होगा, यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। 

कई स्कूलों के प्रिंसिपल ने बताया कि कक्षा पहली व दूसरी की एक-एक किताबें फिलहाल बंटी है। वहीं, कुछ का कहना है कि कुछ स्कूलों में ये किताबें केवल शिक्षकों को ही मिली हैं ताकि वे कक्षाएं ले सकें। 

वहां के स्कूलों में अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं। शिक्षकों की मानें तो अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओं का समय आने वाला है। ऐसे में न तो शिक्षक किताबों के बिना कक्षाएं ले पा रहे हैं न ही बच्चों की पढ़ाई हो रही है।

इस बाबत प्राइमरी स्कूल शिक्षक संघ के चेयरमैन मेघराज भाटी ने बताया कि अब तक किताबें नहीं मिली हैं, जबकि आधा साल बीत गया है। बताया जा रहा है कि किताबें आने वाली हैं। 


लेकिन इसका कोई तय समय नहीं है। बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब जब बच्चों को किताबें ही नहीं मिली तो तैयारी कैसे करेंगे और परीक्षा कैसे देंगे। यह सबसे बड़ा सवाल है। 

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