दिल्ली सरकार के स्कूलों में एक मई से लगभग 1000 गेस्ट शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इनकी नौकरी भी जा सकती है।
एक अप्रैल को जाने वाली थी नौकरी
दरअसल, पीएफसी में (पोस्ट फिकसेशन) कक्षा में बच्चों की संख्या के आधार पर पोस्ट बनती हैं। वहीं, नई पीएफसी बनने से शिक्षकों की पोस्ट कम हो जाएगी। इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, शिक्षा निदेशालय ने गेस्ट शिक्षकों को 1 मई तय कर फौरी राहत दी है। इससे पहले यह तिथि 1 अप्रैल तय की गई थी।
नई पीएफसी के अनुसार, लगभग सभी स्कूलों में पोस्ट कम हुई है। इस कारण से गेस्ट शिक्षक ज्यादा हो रहे हैं। वहीं, बीते सत्रों में भी पीएफसी के कारण काफी गेस्ट शिक्षकों की नौकरी गई थी। हालांकि, बाद में कुछ शिक्षकों समायोजन कर दिया गया था। लेकिन कई शिक्षक निदेशालय के चक्कर अभी भी काट रहे हैं। वहीं, टीजीटी से पीजीटी में रेगुलर शिक्षकों के प्रमोशन से पीजीटी गेस्ट टीचर्स की नौकरी खतरे में आ जाएगी।
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शिक्षक
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ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा ने बताया कि 1 अप्रैल से गेस्ट शिक्षकों की नौकरी जाने वाली थी। लेकिन हमारी मांग के चलते शिक्षा निदेशालय ने फौरी राहत दी है। सोमवार को एक आदेश जारी कर इसे एक मई कर दिया गया है। हालांकि, यह राहत कुछ ही समय के लिए है। अभी तक सरकार ने पीएफसी या प्रमोशन से प्रभावित शिक्षकों की नौकरी बचाने की कोई योजना नहीं बनाई है।
उन्होेंने सरकार से एक अप्रैल की तिथि बढ़ाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि जुलाई तक बच्चों के दाखिले होते हैं। जिसमें बच्चों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की पोस्ट भी बढ़ेगी। इससे कुछ हद तक शिक्षकों की नौकरी बचाई जा सकती है।