Uttarakhand Wildfire: फूलों की घाटी रेंज के जंगलों में लगी आग सूखी घास के कारण हो रही विकराल
फूलों की घाटी रेंज के जंगल में बुधवार सुबह से आग लगी हुई है। रेंज के कंपार्टमेंट आठ में लगी आग की सूचना पर नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रभाग ने आग बुझाने के लिए टीम को भेज दिया है, लेकिन खड़ी चट्टान होने के कारण वन कर्मियों को आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
बुधवार सुबह अचानक फूलों की घाटी रेंज के जंगल में आग धधकने लगी, जिससे शाम तक भारी मात्रा में वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। बारिश नहीं होने से सूखी घास और पत्तों पर आग तेजी से विकराल होती जा रही है, जिससे पूरा क्षेत्र वनाग्नि की चपेट में आ सकता है।
फूलों की घाटी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती का कहना है कि जंगल में आग की लपटें उठ रही हैं। आग बुझाने के लिए आठ वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। चट्टानी इलाका होने के कारण आग बुझाने में दिक्कतें आ रही हैं।
वनाग्नि रोकने के लिए वन विभाग ने कसी कमर
जंगलों को आग की घटनाओं (वनाग्नि) से बचाने के लिए वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रमुख वन संरक्षक ने अधीनस्थ अधिकारियों व प्रभागीय वनाधिकारियों को जंगलों में फायर लाइनों को दुरुस्त करने व एहतियाती कदम अभी से उठाने के लिए निर्देशित किया।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू होता है, लेकिन तैयारियां अभी से ही तेज कर दी गई हैं। देहरादून वन प्रभाग से जुड़े झाझरा, थानों, मालसी, बड़कोट, लच्छीवाला, मल्हान, अशारोड़ी, जैसे रेंजों के तमाम जंगलों में फायर लाइनों को ठीक किया जा रहा है। वनाग्नि रोकने को लेकर विस्तृत फायर प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसे दो फरवरी को जिलाधिकारी की बैठक में मंजूरी दी जाएगी।
जंगलों में लगी आग की तत्काल जानकारी मिल सके इसके लिए जंगलों के आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए वन क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में टीमों का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा फायर वाचर्स की तैनाती के साथ ही वन क्षेत्र अधिकारियों की अगुवाई में टीमों को तैनात किया जाएगा।