Weather Update Today: भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे बंद, बदरीनाथ मार्ग पर नौ घंटे फंसे रहे यात्री
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उत्तराखंड के तीन जिलों में रविवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र के अनुसार, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ज्यादातर इलाकों में तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ज्यादातर इलाकों में बारिश के दो से तीन दौर भी हो सकते हैं। यमुनोत्री हाईवे भी तीन दिन से बंद है।
नौ घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और भनेरपाणी में मलबा और बोल्डर आने से करीब नौ घंटे तक बंद रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। वहीं श्रीनगर में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग फरासू और चमधार के बीच मलबा आने से साढ़े चार घंटे बाधित रहा।
रविवार को सुबह छह बजे बारिश के दौरान लामबगड़ और भनेरपाणी में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही थम गई। एनएचआईडीसीएल की जेसीबी ने हाईवे खोलने का काम शुरू किया। करीब पांच घंटे बाद पूर्वाह्न ग्यारह बजे हाईवे खुल गया लेकिन आधा घंटे बाद लामबगड़ में भूस्खलन शुरू हो गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। दो बजे मलबा आना बंद हुआ और जेसीबी हाईवे खोलने में लग गईं। अपराह्न तीन बजकर 25 मिनट पर हाईवे खोला जा सका। टंगड़ी (काली मंदिर) के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण सुबह आठ से सुबह दस बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। बदरीनाथ हाईवे बिरही, कुहेड़, बाजपुर, भनेरपाणी, पागलनाला और लामबगड़ में बार-बार बंद हो रहा है।
श्रीनगर में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग चमधार में सुबह पांच बजे पहाड़ी से पत्थर गिरने से बंद हो गया। श्रीनगर निवासी प्रदीप मल्ल ने बताया कि वह सुबह-सुबह धारी देवी मंदिर जाने के लिए निकले थे, लेकिन चमधार में हाईवे बंद होने से साढ़े चार घंटे फंसे रहना पड़ा। पीडब्लूडी राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि जेसीबी लगाकर सुबह साढ़े नौ बजे हाईवे खोल दिया गया।
ऑलवेदर रोड के कार्य से दरक रहीं पहाड़ियां
ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह पहाड़ियां दरक रही हैं। कई जगहों पर मार्ग संकरा और खस्ताहालत में पहुंच गया है। नंदप्रयाग से चमोली (10 किमी) तक पर ऑल वेदर रोड के तहत चट्टानों की कटिंग का काम बारिश के कारण आधा-अधूरा छूटा हुआ है। अब हल्की बारिश में भी चट्टान पर अटका मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ रहे हैं।
बिरही मोड़, कुहेड़, हिलेरी पार्क नंदप्रयाग, भनेरपाणी, बाजपुर, चमोली चाड़ा, पागलनाला और हेलंग में ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से चट्टानें कमजोर हो गई हैं। लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पर सफर कर रहे हैं। बाजपुर में करीब दो सौ मीटर पहाड़ी पर भूस्खलन हो रहा है। एनएचआईडीसीएल की ओर से जगह-जगह मशीनें और मैन पावर की तैनाती तो की गई है, लेकिन भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है।
नंदप्रयाग की नगर पंचायत अध्यक्ष डा. हिमानी वैष्णव का कहना है कि बरसात में हिल कटिंग का कार्य रोककर सिर्फ हाईवे को सुचारु रखने का काम किया जाना चाहिए। भनेरपाणी में करीब तीन सौ मीटर हिस्से में वाहनों की आवाजाही चट्टानी भाग पर हो रही है। यहां चट्टान से रुक-रुककर बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से दर्जनों गांवों का बड़कोट तहसील से कटा संपर्क
बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे लगातार तीसरे दिन बंद है। कई गांवों का बड़कोट तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। शुक्रवार रात की बारिश के बाद हुए भूस्खलन से जनपद के एक दर्जन से अधिक संपर्क मोटर मार्ग भी बाधित हैं।
ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य और बारिश के कारण खनेड़ा पुल के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से यमुनोत्री हाईवे शुक्रवार सुबह बाधित हुआ था, जिसे सुचारु करने से पहले ही शुक्रवार रात की बारिश के बाद उक्त स्थान के साथ-साथ रानाचट्टी, ओजरी डबरकोट व पालीगाड़ क्षेत्रों में भी दोबारा भूस्खलन हो गया। शनिवार को मौसम खुलने के बाद एनएच विभाग द्वारा अधिकांश स्थानों से मलबा हटा दिया गया, लेकिन खनेड़ा पुल के पास जमा मलबे को हटाने में दिक्कत आ रही है।
उधर, शुक्रवार देर रात की बारिश के बाद जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण ब्रह्मखाल-जुणगा, अलेथ, सिलक्यारा-बनगांव, मुसड़गांव, बनचौरा-बनगांव, छैजुला-कवाटा, गड़त, नौगांव-पौंटी, चोपड़ा-कांधला, गढ़ अंबेडकर, कुज्जन-तिहार, सिंगोट और खुरमोला मोटर मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।