उत्तराखंडः मौसम खुला, लेकिन दुश्वारियां बरकरार, बर्फ के आगोश में 100 से अधिक गांव
- जिले के 100 से अधिक गांव प्रभावित, कई सड़कें अभी भी बंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो दिनों की बारिश और बर्फबारी के बाद बृहस्पतिवार को मौसम साफ हो गया, लेकिन चमोली जिले में अभी भी 100 से अधिक गांव बर्फ की आगोश में हैं। लोगों को दैनिक जीवन के काम निपटाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश और बर्फबारी से कई सड़कें बंद हैं, जबकि दो गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है।
जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार जिले में अभी जोशीमठ-औली, तपोवन-करछौं, ढाक-करछौं-वाण, कुनारबैंड-घेस, घूनी-रामाणी, घाट-सुतोली-कनोल, दिवालीखाल-भराडीसैंण, गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग बंद हैं। इन मार्गों पर बर्फ पड़ी होने के चलते वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।
जबकि जोशीमठ ब्लॉक के बैनाकुली और हनुमानचट्टी में बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसे ठीक करने के लिए कार्य चल रहा है। इसके अलावा जोशीमठ ब्लॉक के करीब 51 गांव और थराली ब्लॉक के 42 गांव बर्फ से ढके हुए हैं। दशोली, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग और घाट ब्लॉकों के भी कई गांव बर्फ से लकदक हैं।
बारिश-बर्फबारी से किसान खुश
बारिश व बर्फबारी से बागवानी कर रहे पौड़ी जिले के किसानों की चेहरे खिल गए हैं। यह बारिश फल और सब्जी के लिए बेहतर मानी जा रही है। जिले में करीब 23 हजार किसान फल, सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में बारिश व बर्फबारी फलों के उत्पादन के लिए गुणकारी है।
इससे भू-जल स्तर बेहतर बनेगा, जो सिंचाई में उपयोगी साबित होगा। उद्यान विशेषज्ञ डा. सुदेश जुगरान ने बताया कि बारिश व बर्फबारी सेब, खुमानी, अखरोट, नाशपाती, पुलम, बादाम व कीवी की फसल को बहुत ही लाभदायक हैं।
चटक धूप खिलने से ठंड से मिली कुछ राहत
तीन दिन बाद मौसम में हुए सुधार और खिली गुनगुनी धूप से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली। दिनभर रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम सुहावना रहा। सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे। लेकिन 9 बजे के बाद मौसम में सुधार होते ही धूप खिलने लगी, जो दिन चढने के साथ तेज होती रही। इस दौरान लोगों ने धूप का खूब आनंद लिया।
इस दौरान जिला मुख्यालय में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियश दर्ज किया गया। लेकिन शाम को शीतलहर के कारण पारा गिरकर 8 डिग्री तक जा पहुंचा। उधर, केदारनाथ, तुंगनाथ, मद्महेश्वर समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र अब भी बर्फ से लकदक हैं। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे बनियाकुंड से आगे बंद है।
धौलीधार में 10 घंटे अवरुद्ध रहा राजमार्ग
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौलीधार के समीप पहाड़ से मलबा आने से लगभग 10 घंटे तक यातायात ठप रहा। कार्यदायी संस्था लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने दोनों ओर मशीन लगाकर बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे वाहनों का आवागमन बहाल करवाया।
बुधवार रात्रि करीब साढ़े 11 बजे धौलीधार के समीप पहाड़ी से भारी चट्टान टूटकर हाईवे पर जा गिरी, जिससे लगभग 50 मीटर हिस्से में बोल्डर व मलबा फैल गया। मलबे की वजह से पैदल आवाजाही भी पूरी तरह से ठप हो गई। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने रात में ही मशीनों से मलबा व बोल्डरों को हटाने का कार्य शुरू किया। रात भर मशीनों के काम करने के बावजूद सुबह साढ़े नौ मार्ग खुल पाया।
राजमार्ग बाधित होने की वजह से सब्जी, अखबार व दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। थाना प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि रात में सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के लिए कहा गया था।