Uttarakhand Weather: देहरादून में झमाझम बारिश, ऋषिकेश में चेतावनी के निशान के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर
भारी बारिश के चलते रास्ता दो स्थानों पर बंद था। रास्ता खुलने के बाद 145 पर्यटक फूलों की घाटी के लिए रवाना हुए। वहीं प्रदेश के 18 राज्य स्तरीय मार्ग, 11 जिला मुख्य मार्ग, सात अन्य जिला मार्ग, 89 ग्रामीण सड़कें और 128 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हो गईं।
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देहरादून में दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और झमाझम बारिश हुई। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते तीर्थ नगरी ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार सुबह 8:00 बजे गंगा का जलस्तर 338.51 मीटर, दोपहर 12:00 बजे 338.50 और दोपहर 2:00 बजे तक गंगा का जलस्तर 338. 3 4 मीटर दर्ज किया गया। जो चेतावनी रेखा 339.50 से 1.16 मीटर नीचे है।
वहीं दो दिन से बंद फूलों की घाटी को जोड़ने वाला मार्ग सोमवार सुबह खुल गया है। जिसके बाद घाटी मे आवाजाही शुरु हो गई है। भारी बारिश के चलते रास्ता दो स्थानों पर बंद था। रास्ता खुलने के बाद 145 पर्यटक फूलों की घाटी के लिए रवाना हुए। वहीं, रविवार रात से बंद बदरीनाथ हाईवे भी आवाजाही के लिए खुल गया है।
254 सड़कें बंद
प्रदेश में बारिश के साथ चटक धूप खिलने पर भी पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। इसके चलते रविवार को प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 254 सड़कें बंद हो गईं। जबकि इनमें से मात्र 63 सड़कों को ही खोला जा सका है।
रविवार को बारिश के चलते हुए भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग में एनएच 107 चमोली से चौपता के बीच एक बार फिर बंद हो गया। एक दिन पहले भी यह मार्ग बंद हो गया था। लेनिवि ने जेसीबी मशीनें लगाकर मार्ग को खोला था, लेकिन दोपहर बाद मार्ग फिर बंद हो गया।
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इसके अलावा प्रदेश के 18 राज्य स्तरीय मार्ग, 11 जिला मुख्य मार्ग, सात अन्य जिला मार्ग, 89 ग्रामीण सड़कें और 128 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हो गईं। सड़कों को खोलने के काम में 268 जेसीबी मशीनों को लगाया गया था। लोनिवि की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार रविवार शाम पांच बजे तक 63 सड़कों को खोलने में ही कामयाबी मिल पाई थी। 93 सड़कें रविवार को बंद हुईं, जबकि 161 सड़कें एक दिन पहले से ही बंद थीं।
मलबा और बोल्डर आने से दो सड़कें बंद
पहाड़ों की रानी मसूरी में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया, वहीं सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात भी ठप हो गया है। मसूरी के सबसे व्यस्त मसूरी-देहरादून मार्ग गलोगी के पास लगातार पहाड़ से पत्थर और बोल्डर सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो रहा। गलोगी के अलावा कोल्हूखेत के पास मलबा आने से भी यातायात बाधित हो गया। किमाडी-नैबिगंज मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गया।
इसके अलावा सहस्रधारा-कालीगाड मोटर मार्ग में मलबा आने से यातायात ठप है। एलकेडी मोटर में भी बंद है। सड़कें बंद होने के बाद लोनिवि ने जेसीबी भेजकर खोल दिया, लेकिन रात से रही बारिश के बाद मसूरी सहित आसपास के क्षेत्र की कई सड़कें बार-बार बंद हो रही हैं। उधर, शहर की आंतरिक सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि शहर में लगातार भारी बारिश हो रही, जिससे अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई सड़कों को ठीक करने का काम किया गया।