Uttarakhand Rain Forecast: अगले 48 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, चीन सीमा से जुड़ी दारमा और चौदास घाटी में जरूरी वस्तुएं समाप्त
मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश होने के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।
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राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के पर्वतीय इलाकों में अगले 48 घंटे में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं आज सुबह देहरादून में बारिश हुई, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अधिकतर इलाकों में बादल छाए रहे। इसके बाद साढ़े 11 बजे फिर हल्की बारिश शुरू हो गई। हरिद्वार में मौसम साफ बना हुआ है। गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।
मल्ला दारमा और चौदास में जरूरी वस्तुएं समाप्त
60 दिनों के बाद भी बीआरओ की तवाघाट सोबला और सीपीडब्ल्यूडी की चीन सीमा से जुड़ी सोबला-ढाकर सड़क यातायात के लिए नहीं खुल सकी है। इससे तल्ला मल्ला दारमा और चौदास घाटी के लोग अब भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। सड़कें बंद होने से दाल, चीनी, तेल सहित अन्य जरूरी सामग्री दुकानों में समाप्त हो चुकी हैं। गैस सिलिंडर भी खाली हो गए हैं।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सही स्थिति की रिपोर्ट के लिए दो दिन पूर्व सीपीडब्ल्यूडी, आरडब्लूडी, ई डिस्ट्रिक्ट, राजस्व उपनिरीक्षक और एसडीआरफ की टीम को हेलीकाप्टर से क्षेत्र में भेजा है। इससे लोगों को भी कुछ उम्मीद जगी है।
सोन गांव से लौटे राम सिंह सोनाल ने बताया कि 60 दिन बाद भी सड़क का पूरी तरह न खुल पाना प्रशासन और कार्यदायी संस्था की लापरवाही ही है। इस कारण लोग सीमांत के लोगों के साथ साथ सेना और आईटीबीपी के जवान भी में अब भी में जान हथेली में रख कर चलने के लिए मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि दारमा विर्थिंग से नांगलिग तक तीन से चार किलोमीटर तक बंद सड़क सबसे बनी है। लगातार बोल्डर गिरने से यहां पैदल आवाजाही के लिए खतरा बना हुआ है। सीपीडब्ल्यूडी अब तक सड़क बनाना तो दूर एक पैदल जाने लायक भी मार्ग नहीं बना पाया है। राम सिंह सोनाल ने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है।
अस्थायी लकड़ी के पुलों से हो रहे हैं तेज बहाव वाले नाले
लोक निर्माण विभाग के स्थानीय ठेकेदार जीवन मार्छाल ने मारछा में पैदल मार्ग व लकड़ी का पुल, हितेंद्र पतियाल और शंकर फिरमाल ने बोन फिलम में अस्थाई लकड़ी का पुल और जगत सिंह ने सीपू व मारछा में लकड़ी का अस्थाई पुल बना दिया है। जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण दरियाल, नरेंद्र सेलाल, दिनेश चलाल और जयेंद्र फिरमाल ने दारमा के माइग्रेशन गांव में दैनिक जीवन की जरूरी चीजों की किल्लत होने पर उपजिलाधिकारी से मिलकर हेलीकॉप्टर से भेजने की मांग की है।
उधर बीआरओ की तवाघाट सोबला सड़क भी पूरी तरह नहीं खुलने से तल्ला दारमा और चौदास घाटी के लोगों को भी काफी दिक्कतें हो रही है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि तवाघाट में कई बार सुरक्षा दीवार बनाने के बाद भी बारिश के कारण नीचे की और बहने वाली धौली नदी से और ऊपर की और से मलबा आने से सुरक्षा दीवाल टूट जा रही है। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। कनज्योति ने बेली ब्रिज के लिए अपरमेंट बना दी है। खेत गांव में बार बार भूस्खलन होने से सड़क निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं।
दो घंटे तक झमाझम बारिश से नाले उफनाए, घरों में घुसा पानी
मौसम के बदले मिजाज के चलते बुधवार को राजधानी देहरादून समेत आसपास के इलाकों में दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे राजधानी के दर्जन भर से अधिक इलाकों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश से जहां राजधानी के प्रमुख चौराहों दिलाराम चौक, सर्वे चौक, घंटाघर, महाराजा अग्रसेन चौक, कारगी चौक, बुद्धा चौक पर जबरदस्त जलभराव हो गया। कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए, जिससे भारी मुसीबत खड़ी हो गई।
प्रमुख चौराहों पर जलभराव से जाम भी लग गया। यातायात बहाल कराने के लिए पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, स्मार्ट सिटी परियोजना के कई इलाकों में आधे-अधूरे निर्माण कार्यों के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि दो घंटे के बाद बारिश थम गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
सेंट जोजफ एकेडेमी के पास जलभराव
दिलाराम चौक से लेकर घंटाघर तक जबरदस्त जलभराव होने से सेंट जोजफ एकेडेमी के पास पानी के तेज बहाव के चलते कई दोपहिया वाहन गिर गए। कई वाहन पानी में आधे डूब गए।
दहशत में रहे रिस्पना और बिंदाल के किनारे की बस्तियों के लोग
मूसलाधार बारिश के चलते रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे बसी दो दर्जन से अधिक बस्तियों के लोगों की भी सांसे अटकी रहीं। लोगों को इस बात का डर सताता रहा कि दोनों नदियां उफान पर न आ जाएं और उन्हें भारी मुसीबत का सामना न करना पड़े।
गंगा के उफानाने से राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हुआ कटान
गढ़वाल क्षेत्र के पर्वतीय इलाकों में हो रही बारिश के चलते उफनाई गंगा नदी ने राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के तल्ला भोगपुर इलाके में एक किलोमीटर लंबा कटान कर दिया है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कटान होने से जहां वन्यजीवों के प्राकृतिक पर्यावास पर असर पड़ा है, वहीं सरदारपुर गांव के ग्रामीणों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है।
राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने अधिकारियों के साथ कटान वाले इलाके का दौरा किया। उन्होंने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि अब नदी और अधिक कटान न करने पाए। इसे रोकने को लेकर तत्काल कदम उठाए जाएं। ताकि वन्यजीवों खासकर कटान वाले इलाके में रहने वाले सांप, बिज्जू जैसे सरीसृपों के साथ ही ग्रामीणों को भी परेशानियों से बचाया जा सके।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का मांगा ब्यौरा
टाइगर रिजर्व निदेशक ने अधीनस्थ अधिकारियों से पूरे राजाजी टाइगर रिजर्व में बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का ब्यौरा मांगा है। निदेशक डीके सिंह का कहना है कि टाइगर रिजर्व में बारिश के चलते जो भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं उनकी मरम्मत करायी जाएगी। ताकि, 15 नवंबर को टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए खोलने से पहले सड़कों की मरम्मत की जा सके।