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Uttarakhand: गैर नहीं अब गुलजार रहेगा गौरसों, पर्यटन विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर शासन को भेजा

Wed, 09 Nov 2022 10:37 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 09 Nov 2022 10:37 PM IST
सार

1994 में चमोली जिले के जोशीमठ से औली तक चार किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया गया था। इससे औली पर्यटन स्थल के रूप में गुलजार हो गया, लेकिन उसके करीब तीन किलोमीटर ऊपर स्थित गौरसों बुग्याल वीरान ही रहा।

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Uttarakhand News: tourism department prepares master plan for gorson bugyal development
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

विकास के लिहाज से अब तक गैर रहा गौरसों अब सैलानियों की चहलकदमी से गुलजार रहेगा। सरकार साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए गौरसों को विकसित करेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर शासन को भेजा है।

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1994 में चमोली जिले के जोशीमठ से औली तक चार किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया गया था। इससे औली पर्यटन स्थल के रूप में गुलजार हो गया, लेकिन उसके करीब तीन किलोमीटर ऊपर स्थित गौरसों बुग्याल वीरान ही रहा।
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समुद्रतल से करीब 3056 मीटर की ऊंचाई पर स्थिति गौरसों में सालभर में कुछ चुनिंदा ट्रैकर ही पहुंचते हैं। गौरसों में सीजन में भारी बर्फबारी होती है। साल के ज्यादातर समय यहां बर्फ रहती है। इसलिए यदि यहां पर साहसिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं जुटाई जाएं तो यहां काफी पर्यटन पहुंचेंगे और स्कीइंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का रोमांच ले सकेंगे। 


ये कार्य हैं प्रस्तावित 

गौरसों को नए साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए कई विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं। मुख्य रूप से औली से गौरसों तक रोपवे के निर्माण और रेसिंग ढलान के निर्माण की योजना है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए ठहरने के लिए हट्स, खानपान के लिए कैफेटेरिया समेत अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। 


औली में कम बर्फबारी भी वजह

औली के ढलाननुमा पहाड़ स्कीइंग गतिविधियों के लिए सबसे बेहतरीन जगह हैं, लेकिन कई बार जनवरी व फरवरी माह में औली में कम बर्फबारी होने या बर्फ के न टिकने के कारण स्कीइंग खेलों का आयोजन नहीं हो पाता है। इसे देखते हुए औली से गौरसौं तक रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। ताकि गौरसों के ढलानों पर स्कीइंग हो सके। 

सरकार प्रदेश में साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इससे प्रदेश में साल भर पर्यटन गतिविधियां संचालित होंगी। कई बार औली में बर्फ नहीं होती है। इसकी वजह से स्कीइंग नहीं हो पाती और पर्यटकों को बर्फ देखने को नहीं मिलती है। औली से समीप ही गौरसौं में हर साल भारी बर्फबारी होती है। इस क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री

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