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उत्तराखंड: चमोली में दो गांवों के बीचों बीच गदेरे में बनी झील, मकानों में आई दरारें, ग्रामीण खौफजदा

Sat, 24 Jul 2021 02:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारायणबगड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारायणबगड़ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 24 Jul 2021 02:15 AM IST
सार

गड़कोट की ग्राम प्रधान बीना देवी ने कहा कि गड़कोट और अंगोठ गांव आमने-सामने हैं और इन दोनों गांवों की तलहटी से गडनी गदेरा बहता है।

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uttarakhand news : in chamoli a lake built in the middle of two villages, villager scared
lake - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के चमोली जिले में नारायणबगड़ के गड़कोट और अंगोठ गांवों के नीचे भूस्खलन होने से गडनी गदेरे (बरसाती नाले) में 25 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी झील बन गई है।

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हालांकि गदेरे से काफी कम मात्रा में पानी की निकासी हो रही है, लेकिन ग्रामीण खतरे की आहट से खौफजदा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि झील से भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को इसकी सूचना दे दी है।
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गड़कोट की ग्राम प्रधान बीना देवी ने कहा कि गड़कोट और अंगोठ गांव आमने-सामने हैं और इन दोनों गांवों की तलहटी से गडनी गदेरा बहता है। हाल ही में हुई बारिश से दोनों गांवों के नीचे भारी भूस्खलन हुआ और मिट्टी व पत्थर गदेरे के किनारे गिरे।
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ऐसे में दोनों तरफ से गदेरे का रास्ता बंद हो गया और तीन दिन पहले गदेरे में झील बन गई। दोनों गांवों के नीचे अभी भी जल स्तर बढ़ रहा है। इससे गड़कोट गांव में लोगों के मकानों में दरारें आ गई हैं और अंगोठ गांव की खेती की जमीन को नुकसान हुआ है।

झील को तत्काल प्रभाव से खोलने की जरूरत

भूस्खलन से ग्रामीण भयभीत हैं और रात को डर के कारण सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इसी सूचना प्रशासन को दे दी गई है। बताया कि गड़कोट और अंगोठ गांवों के नीचे वर्षों पुराना भूस्खलन क्षेत्र अब ग्रामीणों के लिए मुश्किलों का सबब बनने वाला है।

यहां पर बन रही झील को तत्काल प्रभाव से खोलने की जरूरत है। पहले भी भूस्खलन राकेने के लिए लोगों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई परंतु उनकी फरियाद अनसुनी कर दी गई। प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो घटगाड़ गांव और मींगगदेरा आदि बाजारों को भी बाढ़ जैसे हालात से गुजरना पड़ सकता है।

पहले आ चुकी है बाढ़
वर्ष 1992 में भी इसी गदेरे में पानी बढ़ने से बाढ़ आई थी और गढीनी का भरा-पूरा बाजार रातों रात उजड़ गया था और 14 लोगों की मौत हो गई थी। हर बरसात में यह गदेरा विकराल रूप ले लेता है। 

तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने कहा कि ग्रामीणों की ओर दोनों गांवों के नीचे भूस्खलन होने के बाद झील बनने की सूचना दी गई है। गदेरे से पानी का रिसाव जारी है। शनिवार (आज) को मौके पर झील का जायजा लेने के लिए टीम भेजी जाएगी। उसके बाद जो भी स्थिति बनेगी उस हिसाब से त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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