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उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा में अंग्रेजी नहीं पर विज्ञान अंग्रेजी में पढ़ना जरूरी
Fri, 20 Aug 2021 08:39 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 20 Aug 2021 08:39 PM IST
सार
शिक्षा विभाग में इस शिक्षा सत्र से नौवीं में विज्ञान विषय को अंग्रेजी में पढ़ना अनिवार्य किया गया है।
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अंग्रेजी भाषा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा में अंग्रेजी नहीं बल्कि विज्ञान को अंग्रेेजी विषय में पढ़ना अनिवार्य किया गया है। जिससे शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि विज्ञान विषय को अंग्रेजी में पढ़ना अनिवार्य किया जाना किसी भी दृष्टि से छात्र और शिक्षा हित में नहीं है।
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शिक्षा विभाग में इस शिक्षा सत्र से नौवीं में विज्ञान विषय को अंग्रेजी में पढ़ना अनिवार्य किया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2017 में शासन की ओर से आदेश जारी किया गया था कि कक्षा एक से 12 तक की पाठ्य पुस्तकों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
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इसके लिए सबसे पहले वर्ष 2018-19 में कक्षा तीन एवं छह में एनसीईआरटी की अंग्रेजी माध्यम की पाठ्य पुस्तकों को लागू किया गया। शासनादेश में कहा गया कि इसके लिए हर साल एक कक्षा बढ़ती रहेगी।
यही वजह है कि इस साल से नौवीं कक्षा से विज्ञान को अंग्रेजी में पढ़ाया जाएगा। उधर कुछ शिक्षकों का कहना है कि नौवीं में जब अंग्रेजी अनिवार्य विषय नहीं है, ऐसे में विज्ञान को अंग्रेजी में पढ़ाए जाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। इससे खासकर संस्कृत से हाईस्कूल करने वाले छात्र-छात्राओं को दिक्कतें होंगी।
बच्चों को मातृभाषा में सीखना और सिखाया जाना चाहिए। विज्ञान जैसे विषय का अंग्रेजी माध्यम से पठन-पाठन अनिवार्य किया जाना किसी भी दृष्टि से छात्रहित में नहीं है। यह कदम बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास में बाधक है।
- डॉ.अंकित जोशी, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ शाखा एससीईआरटी
जो बच्चे कक्षा तीन और छह से विज्ञान विषय को अंग्रेजी में पढ़ते आ रहे हैं, उन्हें कक्षा नौ में इसे अंग्रेजी में पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं है, ऐसा हो सकता है कि कुछ शिक्षकों को इससे दिक्कत पेश आ रही हो।
- एसपी खाली, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा