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उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, वसंत पंचमी पर तय होगी कपाटोद्घाटन की तिथि
Mon, 31 Jan 2022 12:11 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर/कर्णप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर/कर्णप्रयाग
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 31 Jan 2022 12:11 PM IST
सार
पांच फरवरी को वसंत पंचमी के दिन नरेंद्रनगर राजदरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की जाएगी।
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बदरीनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार को पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ नृसिंह मंदिर से गाडू घड़ा को मंदिर समिति ने डिमरी पुजारियों को सौंपा, जिसके बाद गाडू घड़ा योग ध्यान मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना किया गया। पांच फरवरी को वसंत पंचमी के दिन नरेंद्रनगर राजदरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की जाएगी।
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गाडू घड़ा बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना
उत्तराखंड चारधाम/श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि पांच फरवरी वसंत पंचमी के दिन नरेंद्रनगर राजदरबार में तय होगी। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के तहत रविवार को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने नृसिंह मंदिर जोशीमठ परिसर से गाडू घड़ा को योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना कर दिया है।
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सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद गाडू घड़ा को पुन: जोशीमठ नृसिंह मंदिर लाया जाएगा। चार फरवरी को तेल कलश जोशीमठ से ऋषिकेश पहुंचेगा और पांच फरवरी को श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि गाडू घड़ा तेल कलश को नरेंद्रनगर राज दरबार के सुपुर्द करेंगे।
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उन्होंने बताया कि कोरोना गाइड लाइन को देखते हुए पांच फरवरी को सुबह दस बजे धार्मिक परंपरा के अनुसार पंचांग गणना के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी। इसके पश्चात गाडू घड़ा तेल कलश के लिए राजमहल में तिलों के तेल को पिरोने की तिथि भी तय हो जाएगी। तिलों के तेल को डिमरी पंचायत द्वारा कपाट खुलने से पहले बदरीनाथ धाम में पहुंचाया जाएगा।