उत्तराखंड: शाम को खुला, सुबह फिर बंद हो गया टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, कुमाऊं में 69 सड़कों पर यातायात बाधित
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
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प्रदेश के कई इलाकों में आज गुरुवार को भी भारी बारिश की संभावना है। गुरुवार को राजधानी देहरादून में फिलहाल बादल छाए हुए हैं। मूसरी में बारिश हो रही है और घना कोहरा छाया हुआ है।
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नैनीताल में राजभवन रोड पर चौपहिया वाहनों के लिए यातायात बंद
बारिश का कहर जारी है। इसकी अधिक मार सड़कों पर पड़ी है। बुधवार की रात खोला गया टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार की सुबह फिर से बंद हो गया। इससे एक बार फिर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुमाऊं में कुल 69 सड़कें मलबे से बंद हैं। इनमें चंपावत में 21,पिथौरागढ़ में 12, अल्मोड़ा में 10 और बागेश्वर में 15 और नैनीताल में 11 सड़कें शामिल हैं।
उधर, जाजरदेवल आईटीबीपी कैंप के पास मलबा आने से बोलेरो वाहन बाल बाल बच गया। पिथौरागढ़ में गुरना, चुपकोट बैंड और ईगयादेवी के पास ऑलवेदर सड़क दो घंटे से अधिक समय तक बंद रही। बागेश्वर में धरमघर-माजखेत सड़क का 50 मीटर हिस्सा बह गया।
इधर, नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में मस्जिद तिराहे से राजभवन की ओर जाने वाली सड़क में हुए धंसाव के चलते राजभवन रोड पर चार पहिया वाहनों के लिए यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया या है। राजभवन की ओर आने जाने वाले वाहन अब फांसी गधेरा से होते चलेंगे। क्षतिग्रस्त सड़क का मलबा गिरने से नीचे की ओर स्थित दस से अधिक दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इस बीच, खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पिथौरागढ़ और हल्द्वानी दौरा रद्द हो गया। उनके स्वागत के लिए की गईं तैयारियां धरी की धरी रह गईं। नौ बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गौलापार (हल्द्वानी) में उनका इंतजार करते रहे।
बुधवार दोपहर में न्यू पालिका बाजार के ठीक ऊपर स्थित राजभवन रोड के 20 मीटर हिस्से में दरार आ गई थी। यही हिस्सा रात में भरभराकर गिर गया। इससे यहां मौजूद तीन पेड़ गिर गए थे। एक विशालकाय पेड़ तो दुकान की छत पर गिरा। पेड़ गिरने से मौके पर 11 केवी की विद्युत लाइनें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई। जिसके बाद विद्युत निगम के अधिकारियों ने क्षेत्र की विद्युतापूर्ति को बंद कराया।
केदारनाथ और पिथौरागढ़ हाईवे बदं
केदारनाथ हाईवे कई जगह मलबा आने से बंद पड़ा हुआ है। गंगोत्री हाईवे नालूपानी के पास मार्ग अवरुद्ध हो गया है। यहां मार्ग खोलने का कार्य प्रगति पर है। कुमाऊं में पिथौरागढ़ हाईवे भी कई जगह बंद है।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि, राज्य के बाकी हिस्सों में भी बिजली गिरने के साथ ही तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री तक रह सकता है।
रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीघाटी, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में बुधवार रात से बारिश जारी है। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। चमोली जनपद में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश जारी है। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पागलनाला, रड़ांग बैंड, लंगासू, बाबा आश्रम के पास, कर्णप्रयाग व सिमली के बीच में अवरुद्ध हो गया है। बदरीनाथ हाईवे और चमधार में यातायात के लिए खाेल दिया गया है। केदारनाथ हाईवे भी सिरोबगड़, मेदनपुर, भटवाड़ीसैंण और सौड़ी में बंद है। पौड़ी में बुआखाल-रामनगर हाईवे बोल्डर आने से पाबौ के बीच बंद हो गया है। खिर्सू- बिसल्ड होते हुए वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों को भेजा जा रहा है। एनएच के अधिकारियों का कहना है देर शाम तक यहां यातायात बहाल हो जाएगा।
बदरीनाथ हाईवे का लगभग 10 मीटर पुस्ता ढहा
श्रीनगर में सुबह से बारिश जारी है। यहां बदरीनाथ हाईवे का लगभग 10 मीटर पुस्ता भी ढह गया है। टिहरी जिले में 12 ग्रामीण सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। चमोली जिले में 40 संपर्क मार्ग बाधित हैं। जिले में अलकनंदा, नंदाकिनी व पिंडर नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।
पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद
वहीं कुमाऊं में बागेश्वर, पिथौरागढ़, टनकपुर, चंपावत, डीडीहाट, द्वाराहाट, चौखुटिया और लोहाघाट सहित लगभग सभी इलाकों में गुरुवार काे भी बारिश जारी है। मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद हो गई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सूखीढांग से धौन तक चार जगह बंद है। यहां बुधवार रात दस बजे से सड़क बंद है। चंपावत-लोहाघाट के बीच तिलोन के पास मलबा आने से हाईवे बंद पड़ा हुआ है।देहरादून जिले में नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक
राजधानी दून में सभी नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश और आपदा के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इसके निर्देश दिए हैं। अभी तक केवल वीकेंड पर पर्यटन स्थलों में ही यह रोक प्रभावी थी।
उन्होंने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए भी निर्देशित किया है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगभग सभी नदियों, झीलों और तालाबों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं।