उत्तराखंड: बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे चौथे दिन भी बंद, 70 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
बदरीनाथ हाईवे रड़ांग बैंड में हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त होने से हाईवे को सुचारू होने में समय लग सकता है।
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बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे रविवार को भी बंद है। यहां हाईवे खोलने का काम जारी है। यमुनोत्री हाईवे पर खनेड़ा पुल के पास रविवार को भी बंद है। यहां भी हाईवे खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों हाईवे चार दिन से बंद पड़े हैं।
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रड़ांग बैंड में करीब 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त होने से हाईवे को सुचारू होने में समय लग सकता है। हालांकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) यहां हाईवे सुचारू करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा हुआ है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि लगभग तीन दिनों में हाईवे को सुचारू कर दिया जाएगा।
20 मई को अतिवृष्टि से रड़ांग बैंड में सड़क का 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। यहां अलकनंदा से भी भू कटाव हो रहा है, जिससे जल्द हाईवे दुरुस्त करने में समय लग सकता है।
भारी बारिश होने पर पहाड़ियों से भूस्खलन होने के चलते हाईवे को भारी क्षति पहुंची है। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि रड़ांग बैंड पर हाईवे को सुचारू करने में कम से कम तीन दिन लग सकते हैं। मौके पर पर्याप्त मात्रा में मशीनें और मैन पावर की तैनाती की गई है।
यमुनोत्री हाईवे नहीं खुलने से कई गांवों का संपर्क कटा
बीते गुरुवार को खनेड़ा पुल के पास मलबा व बोल्डर आने से बंद यमुनोत्री हाईवे रविवार को भी नहीं खुल पाया, जिससे यातायात बाधित होने के साथ यमुनोत्री धाम सहित गीठ व ओेजरी पट्टी के दर्जनों गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
सड़क के नीचे आधा दर्जन आवासीय भवन व होटल को भी खतरा बना हुआ है। इधर निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक कादिर अहमद का कहना है कि कठोर चट्टानी बोल्डरों को हटाने में दिक्कत हो रही है। बताया कि ड्रिल मशीन से बोल्डर तोड़े गए हैं।
70 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पूरे 70 घंटे बाद रविवार रात करीब आठ बजे खुल सका। बाराकोट के नजदीक भारतोली, मोकोट और लीसा डिपो क्षेत्र पर गिरी पहाड़ी से बृहस्पतिवार रात से यह सड़क बंद थी। भारतोली का मलबा शनिवार को हटा लिया गया था, लेकिन शेष दो जगहों में आए भारी-भरकम मलबे को भारी मशक्कत के बाद रविवार रात को हटाया जा सका।
इसके बाद इस एनएच पर आवाजाही सुचारु हो सकी। इससे परेशान लोगों को राहत मिली है। सड़क बंद होने से तीन दिन तक एनएच पर (पिथौरागढ़ से टनकपुर और लोहाघाट से पिथौरागढ़ की तरफ) वाहनों की आवाजाही बंद रही। यहां से गुजरने वाले वाहनों को दन्या-देवीधुरा होते हुए जाने को मजबूर होना पड़ा। जिसके लिए वाहनों को 30 किमी के सापेक्ष 140 किमी तय करनी पड़ी।
भारी बारिश से एनएच में बाराकोट के पास भारतोली और दो अन्य जगह बृहस्पतिवार रात दस बजे पहाड़ गिर गया था। मलबे को हटाने के लिए एनएच खंड ने छह जेसीबी और पोकलैंड लगाई और आज इस मलबे को हटाने में अंतत: सफलता मिली। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि का कहना है कि रविवार रात आठ बजे मलबे को साफ कर मार्ग को सुचारू कर दिया गया।