यहां ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखकर हो रहीं परीक्षाएं, शिक्षक अपने वेतन से खरीद रहे उत्तर पुस्तिका
- चमोली के उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों को नहीं मिली अनुदान राशि
- शिक्षक अपने वेतन से खरीद रहे उत्तर पुस्तिका
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उत्तराखंड के चमोली जिले में उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूल राम भरोसे संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों को पिछले दो सालों से समग्र शिक्षा के तहत अनुदान राशि का भुगतान नहीं हो रहा है।
स्थिति यह है कि इन विद्यालयों के शिक्षक अपने वेतन से ही अर्द्धवार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिका खरीद रहे हैं और ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखकर परीक्षाएं करवा रहे हैं। जिले में 48 उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूल हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से माध्यमिक स्तर के विद्यालयों को तो समग्र शिक्षा के तहत अनुदान राशि दी जा रही है, लेकिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जूनियर हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए विद्यालयों को अनुदान राशि से वंचित रखा जा रहा है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सैन सिंह नेगी का कहना है कि उच्चीकृत हाईस्कूलों को शिक्षा विभाग से कोई धनराशि नहीं मिल रही है। विद्यालयों में खेल गतिविधियां शून्य हैं। ब्लैक बोर्ड, टाट पट्टी और अन्य शिक्षण सामग्री भी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य अपने वेतन से खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग उच्चीकृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। इस संबंध में कई बार शिक्षा अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि एक ही परिसर में संचालित हो रहे उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों को हाईस्कूल के अधीन संचालित करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन उच्चीकृत विद्यालय अलग अनुदान की मांग कर रहे हैं, जो कि संभव नहीं है।