फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Padma Awards 2025 Uttarakhand 91-year-old Radha Behan Bhatt and Hugh and Colleen Gantzer will get Padma Shri

Padma Award 2025: उत्तराखंड की 91 वर्षीय राधा बहन भट्ट और ह्यू व कोलिन गैंटजर को मिलेगा पद्मश्री

Sat, 25 Jan 2025 10:28 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर/ देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर/ देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 25 Jan 2025 10:28 PM IST
सार

राधा बहन का जन्म 16 अक्तूबर 1933 में अल्मोड़ा जिले के धुरका गांव में कमलापति और रेवती भट्ट के घर में हुआ था। वह युवावस्था में घर छोड़ कर वह कौसानी आ गईं थीं।

विज्ञापन
Padma Awards 2025 Uttarakhand 91-year-old Radha Behan Bhatt and Hugh and Colleen Gantzer will get Padma Shri
राधा बहन भट्ट और ह्यू व कोलिन गैंटजर को मिलेगा पद्मश्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार रात पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। उत्तराखंड की 91 वर्षीय राधा बहन भट्ट और उत्तराखंड के ह्यू और कोलिन गैंटजर (मरणोपरांत) को साहित्य और शिक्षा - पत्रकारिता में उनके अनुकरणीय कार्य के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

विज्ञापन


राधा बहन ने 18 साल की उम्र में शुरू की समाजसेवा
18 साल की उम्र में घर छोड़कर समाजसेवा में जीवन अर्पित करने वाली राधा बहन भट्ट को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों के लिए जारी सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। पुरस्कार के लिए उनका चयन होना जिले के लिए गौरव की बात है।
विज्ञापन


राधा बहन का जन्म 16 अक्तूबर 1933 में अल्मोड़ा जिले के धुरका गांव में कमलापति और रेवती भट्ट के घर में हुआ था। वह युवावस्था में घर छोड़ कर वह कौसानी आ गईं थीं। यहां उन्होंने बालिका शिक्षा देने और उन्हें जीवन जीने की कला सिखाने पर कार्य किया। वर्ष 1957 में भूदान आंदोलन के साथ उनकी पदयात्रा शुरू हुई। बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल, जंगल, जमीन, ग्राम स्वराज, शराब आंदोलन, युवा महिला सशक्तीकरण, सर्वोदय आंदोलनों में उन्होंने बढ़ चढ़कर भागीदारी की। वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शिष्या सरला बहन के कार्यों से प्रभावित होकर उनकी अनुयायी बनीं। उन्होंने वर्ष 975 में सरला बहन के 75वें जन्मदिन पर पद यात्रा शुरू की।
विज्ञापन
विज्ञापन


Nikay Chunav: जानिए कौन हैं मीरा? जिन्होंने मसूरी में रचा नया इतिहास..पहली बार महिला बनी नगर पालिका अध्यक्ष

Trending Videos

75 दिनों की लंबी यात्रा में वन संरक्षण, चिपको आंदोलन, शराब विरोध, ग्राम स्वराज की स्थापना के लिए लोगों को जागरूक किया। 1976 में देवीधूरा ब्लॉक से 65 गांवों की पदयात्रा की। इस दौरान उन्होंने 40 बालवाड़ी, 30 महिला संगठन, 12 गांव के लोगों को कृषि के लिए प्रेरित किया। 1980 में उन्होंने खनन के खिलाफ आवाज उठाई। 2006 से 2010 तक प्रदेश के हिमालय और नदियों का सर्वेक्षण करते हुए हाइड्रो पावर परियोजनाओं का विरोध किया। समाजसेवा के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

कौसानी के लक्ष्मी आश्रम से जुड़ीं राधा बहन वर्तमान में भी समाज सेवा से जुड़ी हैं। फोन पर हुई बातचीत में राधा बहन ने बताया कि दिसंबर में कौसानी से गुजरात के बड़ौदा गईं थी। एक महीने वहां रहने के बाद वर्तमान में महाराष्ट्र के वर्धा में सेवाग्राम में हैं। जल्द ही कौसानी लौटेंगी।

अमर उजाला से मिली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी से फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने पुरस्कार के लिए प्रयास भी नहीं किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed