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साहिया: CHC में जच्चा-बच्चा को नहीं मिला इलाज

Thu, 30 Jun 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, साहिया
ब्यूरो / अमर उजाला, साहिया Updated Thu, 30 Jun 2016 10:31 AM IST
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no treatment for mother and infant in sahiya CHC
- फोटो : concept photo

प्रसूति रोग विशेषज्ञ और अन्य जरूरी स्टॉफ के अभाव में जौनसार बावर के अस्पताल रेफरल सेंटर साबित हो रहे हैं। गर्भावस्था और लेवर पेन के दौरान अस्पताल में इलाज कराने आने वाली महिलाओं को लौटाया जा रहा है। बुधवार को भी एक ऐसे ही मामले में जच्चा और बच्चे की जान पर बन आई।

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चंदऊ गांव निवासी ममता (22) पत्नी विवेक को लेबर पेन उठने पर परिजन सुबह साढे़ पांच बजे उसे लेकर 108 एंबुलेंस सेवा से सीएचसी साहिया रवाना हुए। अस्पताल से करीब दो किमी पहले गुआरखेड़ा के पास उसका दर्द बढ़ गया और उसने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
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आगे के ट्रीटमेंट के लिए परिजन दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे तो इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। वहां मौजूद संविदा कर्मियों ने स्टॉफ नर्स और प्रसूति रोग विशेषज्ञ नहीं होने का हवाला देते हुए जच्चा और बच्चे को भर्ती करने से मना कर दिया। एक घंटे तक परिजन दोनों को अस्पताल में भर्ती करने की मिन्नतें करते रहे।
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आखिर हारकर उन्हें महिला और बच्चे को लेकर विकासनगर रवाना होना पड़ा। फिलहाल जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं। साहिया नेवी के प्रधान मोहन सिंह, उत्पाल्टा के प्रधान सतपाल राय का कहना है कि बीते माह ग्रामीणों के आंदोलन के दौरान विभाग ने अस्पताल में प्रसूति रोग विशेषज्ञ और स्टॉफ नर्स की तैनाती की बात कही थी। लेकिन अब तक दोनों में से किसी की भी तैनाती नहीं हो सकी है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। 

हर माह करीब 40 केस रेफर 
स्वास्थ्य महकमे के दुर्गम अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे कितने पुख्ता हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे जौनसार बावर में प्रसूति रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। केवल सीएचसी साहिया से हर माह गर्भावस्था से जुड़े करीब 40 केस हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं।

कई बार महिला और गर्भस्थ बच्चे की जान पर बन आती है। इसके बावजूद विभाग यहां विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं करता। क्षेत्र के अन्य अस्पतालों में भी कमोवेश यही हाल है। जहां गर्भावस्था से करीब एक माह पहले ही सुरक्षित प्रसव के लिए परिजन गर्भवती महिला को लेकर विकासनगर चले जाते हैं।


ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहने के लिए इमरजेंसी के डॉक्टर से जवाब तलब किया गया है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। 
- डॉ. संजीव दत्ता, सीएमएस 

एक माह पूर्व अस्पताल में स्टॉफ नर्स की तैनाती की गई थी। लेकिन यदि अब तक उसने ज्वाइन नहीं किया है तो जवाब तलब किया जाएगा। सीएमएस को तत्काल प्रभाव से स्टॉफ नर्स की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। 
- डॉ. वाईएस थपलियाल, सीएमओ

Published By : NIrmala Suyal

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