संवेदनहीनता: पैदा होते ही नवजात को छत पर छोड़ दिया, रोने की आवाज सुनकर पहुंचे लोग, आईसीयू में भर्ती
- बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना
- नवजात को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया
- देखभाल के लिए नर्स के साथ महिला कांस्टेबल भी तैनात
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यह संवेदनहीनता की हद ही है कि एक मासूम को कोई पैदा होते ही एक मकान की छत पर छोड़ गया। आसपास के लोगों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात को 108 वाहन की मदद से जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। उसकी देखभाल को यहां नर्स के साथ ही महिला कांस्टेबल तैनात की गई है।
नगर क्षेत्र से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोठियालसैंण में सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक मकान की छत से लोगों को एक बच्चे के रोने की आवाज आई। मकान मालिक ने अपनी खुली छत पर एक नवजात को लेटे हुए रोता देखा तो चमोली थाना पुलिस को सूचना दी।
बच्चा बेहद कमजोर था। उसकी पैदाइश कुछ ही घंटे पहले की लग रही थी। उसे ले जाकर पुलिस ने आईसीयू में भर्ती कराया। यहां डॉ. मानक सक्सेना ने बच्चे की जांच की। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेएस चुफाल ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। अभी उसे देखरेख के लिए आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना किशोर न्याय बोर्ड को भी दी है। एसपी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की जा रही है।
आबादी के बीच है मकान
जिस मकान की छत पर नवजात को रखा गया था, वह आबादी के बीच में है। ऐसे में माना जा रहा है कि किसी न किसी ने बच्चे को छत पर रखने वाले को जरूर देखा होगा। मामले में आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जितने मुंह उतनी बातें
मकान की छत पर नवजात मिलने की खबर फैली तो भीड़ जमा हो गई। कुछ महिलाओं का कहना था कि अगर नवजात को तत्काल स्वास्थ्य लाभ न मिला तो शायद वह दम तोड़ देगा। ऐसे में 108 वाहन के चालक प्रकाश ने इतनी स्पीड में वाहन चलाया कि महज आठ मिनट में सात किलोमीटर दूर जिला अस्पताल की दूरी नाप दी।