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Joshimath Sinking: खतरे में बिजली आपूर्ति, कभी भी धराशायी हो सकते हैं खंभे और लाइनें, छा सकता है अंधेरा
Mon, 09 Jan 2023 07:51 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 09 Jan 2023 07:51 PM IST
सार
जोशीमठ में यूपीसीएल का बिजली घर खतरे में है। इसके अलावा आपूर्ति को बिछाई गई लाइनें और खंभे कभी भी गिर सकते हैं।
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जोशीमठ में एचटी लाइन के खंभे हुए तिरछे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जोशीमठ शहर और आसपास के गांवों में भू-धंसाव की वजह से बिजली आपूर्ति भी खतरे में आ गई है। एक ओर जहां यूपीसीएल के खंभे और लाइनें कभी भी धराशायी हो सकती हैं, वहीं पिटकुल का 66 केवी सब स्टेशन भी शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है।
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बिजली के खंभे, लाइनें कभी भी गिर सकती हैं
यूपीसीएल का बिजली घर खतरे में है। इसके अलावा आपूर्ति को बिछाई गई लाइनें और खंभे कभी भी गिर सकते हैं। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने चीफ इंजीनियर की अगुवाई में एक टीम वहां भेजी थी। टीम की सिफारिश पर यूपीसीएल की ओर से सामान भेजा जा रहा है। एमडी ने बताया कि खतरे के दायरे में आए सभी खंभे हटाए जाएंगे। लाइनों को भी सुरक्षित किया जा रहा है।
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पिटकुल का 66 केवी सब स्टेशन होगा शिफ्ट
पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी ने सोमवार को अपनी टीम के साथ जोशीमठ में निरीक्षण किया। पिटकुल का 66 केवी का सबस्टेशन भी भू-धंसाव के खतरे की जद में आ गया है। आसपास की जमीन धंस रही है। निरीक्षण के बाद एमडी ने सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और एडीएम अभिषेक त्रिपाठी से सब स्टेशन को शिफ्ट करने पर चर्चा की। इसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, चीफ इंजीनियर गढ़वाल को अग्रिम आदेशों तक जोशीमठ में ही कैंप करने को कहा गया है। साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं, लाइनों, टावरों और सब स्टेशनों पर प्रभाव की समीक्षा कर रिपोर्ट एमडी को देंगे।