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Joshimath: मिट्टी की जांच से भू-धंसाव की वजह पता लगा रहे IIT Roorkee के वैज्ञानिक, 11 जगह से लिए सैंपल

Sun, 05 Feb 2023 09:12 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ(चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 05 Feb 2023 09:12 PM IST
सार

आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक सुकांतो दास के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम 18 जनवरी से जोशीमठ के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर परीक्षण कर रही है। टीम हर दिन विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मिट्टी की जांच कर रही है।

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Joshimath:  IIT Roorkee Scientists are finding out cause of landslide by soil Testing
जोशीमठ में जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोशीमठ नगर में भू धंसाव के कारणों को जांचने के लिए विभिन्न स्तर पर जांच की जा रही हैं। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम भी यहां पर भू धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मिट्टी की जांच कर रही है। साथ ही जमीन के अंदर की स्थिति का भी अध्ययन किया जा रहा है। अभी तक टीम ने 11 जगह पर जांच कर ली है।

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आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक सुकांतो दास के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम 18 जनवरी से जोशीमठ के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर परीक्षण कर रही है। टीम हर दिन विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मिट्टी की जांच कर रही है।
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यहां पर जमीन में खुदाई कर अंदर की मिट्टी निकालकर उसकी भी जांच की जा रही है। इसके लिए जमीन में गड्ढे बनाए जा रहे हैं। साथ ही मशीन लगाकर जमीन के अंदर किस तरह की स्थिति है इसकी भी जांच कर अध्ययन किया जा रहा है।


वैज्ञानिकों का कहना है कि वह भू धंसाव से प्रभावित सभी क्षेत्रों में जाकर जांच की जा रही हैं। रविवार को टीम ने मनोहर बाग वार्ड के क्षेत्र में जांच की। यहां से जो भी रिपोर्ट आएगी उसे उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

रोपवे टावर के पास की स्थिति भी जांची

टीम ने रविवार को जोशीमठ-औली रोपवे के टावर नंबर एक के पास भी मिट्टी और जमीन के अंदर की स्थिति का अध्ययन किया। इसके लिए टावर के पास गड्ढा बनाया गया है। जिससे पता चल सके कि भविष्य में टावर को इस भू धंसाव से खतरा हो सकता है या नहीं।

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