Hemkund Sahib Yatra: तीर्थयात्रियों के जत्थे संग गोविंदघाट पहुंचे पंज प्यारे, जो बोले सो निहाल के लगे जयकारे
Hemkund Sahib Yatra 2023 Update: हेमकुंड साहिब के कपाट 20 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर गोविंदघाट गुरुद्वारे में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल भी बढ़ गई है।
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हेमकुंड साहिब के कपाटोद्घाटन के लिए बृहस्पतिवार को तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पंज प्यारे गोविंदघाट गुरुद्वारे पहुंच गए हैं। इस दौरान तीर्थयात्रियों ने जो बोले सो निहाल के जयकारे लगाए। शुक्रवार को सुबह आठ बजे पंज प्यारे घांघरिया के लिए रवाना होंगे। श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा पंज प्यारों और तीर्थयात्रियों के जत्थे को रवाना करेंगे। बता दें कि अभी तक गोविंदघाट में 550 से अधिक तीर्थयात्री पहुंच गए हैं।
हेमकुंड साहिब के कपाट 20 मई को सुबह दस बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर गोविंदघाट गुरुद्वारे में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल भी बढ़ गई है।
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बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे श्रीनगर से तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पंज प्यारे गोविंदघाट पहुंचे। यहां गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह और अन्य सेवादारों ने पंज प्यारों का स्वागत किया। गुरुद्वारे में सबद कीर्तन और गुरुवाणी पाठ किया गया। गोविंदघाट में देर शाम तक भी तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला बना रहा।
तीन किलोमीटर तक बर्फ के बीच से होकर गुजरेगा आस्था पथ
हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर तीन किलोमीटर तक तीर्थयात्री बर्फ के बीच से होकर गुजरेंगे। सेना के जवानों के साथ ही सेवादारों की ओर से आस्था पथ को पूरी तरह से खोल दिया गया है। घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक छह किलोमीटर पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। अटलाकुड़ी से हेमकुंड साहिब तक तीन किलोमीटर रास्ता अभी भी बर्फ के आगोश में है। तीर्थयात्रियों को बर्फ के बीच से होकर ही तीर्थयात्रा करनी होगी। इस तीन किलोमीटर के दायरे में एसडीआरएफ और पुलिस टीम तैनात रहेगी।