उत्तराखंडः रिश्तेदार की सगाई में जा रहा युवक बर्फ में फिसलकर खाई में गिरा, थल-मुनस्यारी सड़क बंद
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रिश्तेदार की सगाई में जा रहा एक युवक बर्फ में फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। ग्रामीण 108 की मदद से उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पगना निवासी संतोष कुमार (18) पुत्र गुडरी लाल ईराणी के तोक झींझी से रिश्तेदार की सगाई में कुछ लोगों के साथ ईराणी के तोक पाणा बनाली जा रहा था। बर्फ अधिक होने के चलते रास्ता खतरनाक बना है।
रास्ते में ईराणी के पास संतोष का बर्फ में पैर फिसल गया और वह 200 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। लोगों ने उसे खाई से निकालने का प्रयास किया, लेकिन खड़ी चट्टान और बर्फ अधिक होने के चलते उसे निकालने में काफी समय लग गया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। उसे रात में ही जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
ईराणी के प्रधान मोहन का कहना है कि संतोष के बर्फ में काफी देर तक पड़े रहने के कारण उसे ठंड लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। क्षेत्रीय पटवारी जयसिंह रावत का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
बारिश व बर्फबारी से किसानों की चेहरे खिल
पौड़ी में बारिश व बर्फबारी से बागवानी कर रहे किसानों की चेहरे खिल गए हैं। यह बारिश फल और सब्जी के लिए बेहतर मानी जा रही है। जिले में करीब 23 हजार किसान फल, सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में बारिश व बर्फबारी फलों के उत्पादन के लिए गुणकारी है।
इससे भू-जल स्तर बेहतर बनेगा, जो सिंचाई में उपयोगी साबित होगा। उद्यान विशेषज्ञ डा. सुदेश जुगरान ने बताया कि बारिश व बर्फबारी सेब, खुमानी, अखरोट, नाशपाती, पुलम, बादाम व कीवी की फसल को बहुत ही लाभदायक हैं।
सड़क बंद होने से दिक्कत
देवाल में बर्फवारी के चार दिन बाद भी घेस-हिमनी-बलांण सड़क यातायात के लिए नहीं खुल पाई है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पैदल चलकर बाजार आ रहे हैं। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी ने कहा कि जल्दी ही जेसीबी मशीन भेजकर सड़क को खोल दिया जाएगा।
पूरी तरह से नहीं हटाई जा सकी थल-मुनस्यारी सड़क से बर्फ
थल-मुनस्यारी सड़क पर चौथे दिन भी यातायात बहाल नहीं हुआ है। शुक्रवार को मौसम साफ होने के कारण लोनिवि ने बर्फ हटाने का काम तेजी से किया लेकिन अब भी सड़क के 6 किमी हिस्से में 3 से 4 फीट बर्फ पटी है।
बर्फबारी के कारण मंगलवार को थल-मुनस्यारी सड़क बंद हो गई थी। रातापानी से मुनस्यारी तक 20 किमी हिस्से में बर्फ पट गई थी। लोनिवि ने बुधवार से जेसीबी और स्नोकटर लगाकर बर्फ हटाना शुरू कर दिया था लेकिन सड़क पर अत्यधिक बर्फ जमा होने के कारण सड़क को खोलने में दिक्कत आ रही है। लोनिवि अब तक 14 किमी हिस्से से ही बर्फ हटा पाया है। बलाती से कालामुनि तक करीब 6 किमी के हिस्से में अब भी भारी मात्रा में बर्फ जमा है।
सड़क बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी के लिए जौलजीबी से आवागमन हो रहा है। लोगों ने सड़क को खोलने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर बर्फबारी में सड़क कई दिनों के लिए बंद हो जा रही है। इससे मुनस्यारी का पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हो गया है। लोनिवि के अवर अभियंता उमेश कुमार का कहना है कि सड़क को खोलने के लिए तत्परता से काम किया जा रहा है। बर्फ अधिक होने के कारण सड़क को खोलने में दिक्कत आ रही है। शनिवार शाम तक सड़क में यातायात बहाल हो जाएगा।
थल-मुनस्यारी बिजली की लाइन की हुई मरम्मत
थल से मुनस्यारी को जाने वाली 33 केवी की बिजली की लाइन शुक्रवार एक बजे दुरुस्त हो गई है। लाइन क्षतिग्रस्त होने से बीते मंगलवार से इस लाइन से बिजली की सप्लाई ठप थी। मुनस्यारी को जौलजीबी से जाने वाली लाइन से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। अब मुनस्यारी को थल से जाने वाली लाइन से जोड़ दिया गया है। नाचनी सब स्टेशन के लाइन मैन भूपेंद्र राम ने बताया कि तमाम जगह लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लाइन की मरम्मत में देरी हुई।