फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Environmental Approval for mining

पांच हेक्टेयर खनन को जिलों में ही मिलेगी पर्यावरण स्वीकृति

Wed, 29 Jun 2016 12:52 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 29 Jun 2016 12:52 PM IST
विज्ञापन
Environmental Approval for mining
- फोटो : अमर उजाला

नदियों में पांच हेक्टेयर तक खनन के लिए जिलों में ही पर्यावरण स्वीकृति मिल जाएगी। डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी पर्यावरण स्वीकृति दे देगी।

विज्ञापन


इसके लिए स्टेट लेवल कमेटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और अफसरों का दायित्व निर्धारित करने के लिए केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था कर दी है। केंद्र की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश के जिलों में कमेटियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन


नदियों में अवैध खनन से बिगड़ रहे पर्यावरण की रिपोर्ट और एनजीटी के दबाव के चलते केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नई व्यवस्था कर दी है। पहले पांच हेक्टेयर तक खनन के लिए राज्य स्तरीय ‘इनवायरनमेंट इंपेक्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

असेसमेंट अथॉरिटी’ से पर्यावरण स्वीकृति लेनी पड़ती थी।

लोगों को दूर-दराज जिलों से आकर अथॉरिटी के चक्कर काटने पड़ते थे। अवैध खनन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर प्रशासन ठीकरा पर्यावरण स्वीकृति देने वाली कमेटी पर फोड़ देता था। इस पर केंद्रीय वन, पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण स्वीकृति दिए जाने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय कमेटियों को दे दी है।

पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी अब कमेटी के सदस्य अधिकारियों की होगी। इसके साथ ही पर्यावरण सुरक्षा को लेकर स्थानीय अधिकारियों को खनन पट्टे वाले स्थान की जानकारी होती है। खनन करने वाले भी गच्चा नहीं दे पाएंगे। केंद्र ने इस संबंध में अप्रैल में अधिसूचना जारी कर दी थी। प्रदेश में कमेटियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कमेटी में प्रशासन के अलावा
वन, भूगर्भ आदि विभागों के अधिकारी सदस्य रहेंगे।

क्या है इसमें खास
पांच हेक्टेयर तक खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृति देने को गठित जिला कमेटी के अध्यक्ष डीएम होंगे। एसडीएम, डीएफओ, निरीक्षक, खान निरीक्षक, भूगर्भ विज्ञानी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण अभियंता आदि सदस्य होंगे।


वर्ष 2006 तक पांच हेक्टेयर तक खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृति न लेने की छूट रही है। वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई। 

केंद्र में हुई बैठक
पांच हेक्टेयर तक खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृति के संबंध में मंगलवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की दिल्ली में बैठक हुई। इसमें कमेटियां जल्दी गठित करने के संबंध में चर्चा हुई। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव विनोद सिंघल ने बताया कि बोर्ड के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

Published By : Nirmala Suyal

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed