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टिहरी झील में साहसिक गतिविधियों का जिम्मा आईटीबीपी को

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 06:04 PM IST
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- आईटीबीपी क्षेत्रीय मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्वतारोही हिमवीरों को सम्मानित किया
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- सीएम ने कहा- टिहरी झील को पहचान दिलाएगी आईटीबीपी, सीमावर्ती इलाकों में बिजली-सड़कों के लिए ही कराया सर्वे माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस क्षेत्रीय कार्यालय (सीमाद्वार) में बुधवार को गंगोत्री-2 पर्वतारोहण व 6 चोटी आरोहण फ्लैग-इन समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोनकाल में अदभुत रिकॉर्ड बनाने वाले हिमवीरों को सम्मानित किया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोनकाल में जब विश्व जूझ रहा था, तब आईटीबीपी के हिमवीरों के दो दल पर्वत व चोटी फतेह करने का कीर्तिमान रच रहे थे। यही हिमवीर चीन से लगती भारतीय सीमा की मुश्किल परिस्थितियों में रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार टिहरी झील में साहसिक गतिविधि एवं खेलों के संचालन का जिम्मा आईटीबीपी को देगी। इसके लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए हैं। उम्मीद है कि आईटीबीपी अपनी काबिलियत से टिहरी झील को खास पहचान दिलाएगी।
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महानिरीक्षक उत्तरी कमान नीलाभ किशोर ने बताया कि देहरादून सेक्टर की उपमहानिरीक्षक अपर्णा कुमार के नेतृत्व में पहले दल ने 6 अनाम चोटियों पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। इसकी ऊंचाई 6000 मीटर से अधिक थी, जबकि दूसरे दल ने उप सेनानी दीपेंद्र मान के नेतृत्व में उत्तरकाशी से गंगोत्री-2 चोटी पर तिरंगा फहराया। इसकी ऊंचाई 21 हजार 615 फीट है। मुख्यमंत्री रावत ने दोनों दलों के प्रमुखों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उपमहानिरीक्षक कुंवर पाल सिंह, उपमहानिरीक्षक मंधीर एक्का, उपमहानिरीक्षक रणजीत सिंह राणा, सेनानी अनिल कुमार, सेनानी शैंडिल कुमार व अन्य उपस्थित रहे।
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------------------------ सीमावर्ती गांवों तक पहुंचेगी बिजली-सड़कें:: सीएम रावत ने कहा कि सरकार आईटीबीपी व सेना की हर जरूरतों को पूरा कर रही है। इसके लिए सीमावर्ती इलाकों में बिजली व सड़कों का जाल बिछाने का काम जल्द शुरू होगा। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लि. (यूपीसीएल) ने बिजली कनेक्शन व लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के लिए सर्वे किया है। सरकार सीमावर्ती चौकी तक भी बिजली-सड़कें पहुंचाने का प्रयास करेगी।
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