Coronavirus in Uttarakhand: पांच महीने बाद खुला रीठा साहिब गुरुद्वारा, 21 श्रद्धालुओं के जत्थे ने मत्था टेका
- तीर्थयात्रियों को सशर्त मिली गुरुद्वारे में शीश नवाने की इजाजत
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कोरोना संक्रमण के चलते साढ़े पांच माह से बंद रीठा साहिब गुरुद्वारा तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे में शीश नवाने के लिए कोविड-19 की गाइडलाइन को पालन करना होगा। सोमवार को ऊधमसिंह नगर जिले के 21 तीर्थ यात्रियों ने मत्था टेका।
कोरोना महामारी के चलते मार्च के अंतिम सप्ताह से गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियां बंद थी। सिर्फ गुरुद्वारा प्रबंधन रोजाना होने वाली रस्मों को निभाता था। सोमवार को सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत गुरुद्वारा प्रबंधन ने गुरुद्वारे के कपाट खोल दिए हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सभी नियमों का पालन करते हुए इन यात्रियों ने शीश नवाया। बताया कि गुरुद्वारा सभा में एक बार में सिर्फ दस श्रद्धालुओं को ही मत्था टेकने की अनुमति दी जा रही है।
इस बार जोड़ मेले पर भी लगा ब्रेक
बाइक से आए तीर्थयात्री सुरजीत, सतनाम, मंजीत, हरपाल, हरभजन कौर, मंदीप सिंह आदि का कहना था कि इस बार जोड़ मेले में नहीं आने से मायूसी हुई, लेकिन अब गुरु दरबार में मत्था टेकने से उन्हें आध्यात्मिक शुकून मिला है।
बता दें कि रीठा साहिब में हर साल होने वाला तीन दिन (3 जून से 5 जून तक) का प्रसिद्ध जोड़ मेला इस बार नहीं हुआ। आमतौर पर इस मेले में डेढ़ लाख से अधिक तीर्थयात्री शिरकत करते थे। लेकिन ये मेला इस बार कोरोना की भेंट चढ़ गया। मेला नहीं होने से आध्यात्मिक गतिविधियां तो नहीं हुई, साथ ही कारोबार को भी झटका लगा है।