चारधाम यात्रा: हाईकोर्ट में फैसले के बाद व्यवसायियों में खुशी, मार्गों पर यातायात सुचारू, पहुंच रहे श्रद्धालु
chardham yatra update today: हाईकोर्ट से मंगलवार को चारधाम यात्रा में असीमित तीर्थयात्रियों के प्रवेश का आदेश जारी होने के बाद शासन ने चारधाम यात्रा की संशोधित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी है।
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उत्तराखंड चारधाम यात्रा बुधवार को भी सुचारू है। वहीं राजधानी देहरादून के साथ राज्य के सभी इलाकों में मौसम भी साफ बना हुआ है। उत्तरकाशी के बड़कोट में यमुनोत्रीधाम सहित यमुनाघाटी में मौसम साफ है। यहां धूप खिली हुई है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यात्रा व्यवसाय से जुडे़ लोगों में यात्रा बेहतर चलने की उम्मीद जगी है।
गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन करेंगे निरीक्षण
यमुनोत्रीधाम तीर्थपुरोहित मनमोहन उनियाल, आशुतोष उनियाल और अनोज उनियाल का कहना है कि यात्रा का एक माह का समय बाकी है। यात्रियों के अच्छी संख्या में आने की उम्मीद जगी है। केदारनाथ यात्रा सुचारू है। सोनप्रयाग से अब तक 300 से अधिक यात्री धाम के लिए रवाना हो चुके हैं।
वहीं गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन आज (बुधवार) ऋषिकेश चारधाम यात्रा टर्मिनल स्थित चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन एवं चारधाम यात्रा सीजनल सहायता केंद्र का निरीक्षण भी करेंगे।
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चारधाम यात्रा के लिए ई-पास की व्यवस्था हुई खत्म
हाईकोर्ट से मंगलवार को चारधाम यात्रा में असीमित तीर्थयात्रियों के प्रवेश का आदेश जारी होने के बाद शासन ने चारधाम यात्रा की संशोधित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को ई-पास की जरूरत नहीं होगी। बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को केवल देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा
सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल की ओर से जारी एसओपी के मुतबिक, बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उत्तराखंड के भीतर के लोगों को तीर्थयात्रा पर जाने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की जरूरत नहीं है।
सभी तीर्थयात्रियों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 15 दिन बाद ही प्रमाण पत्र दिखाने पर चारधाम यात्रा की अनुमति मिलेगी। अगर किसी यात्री ने एक डोज लगवाई है या कोई डोज नहीं लगवाई है तो उन्हें 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर, बीसीएनएएटी, ट्रूनैट या रैट कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही दर्शन की अनुमति मिलेगी। आपको बता दें कि अभी तक हाईकोर्ट के आदेश के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन मंगलवार को हाईकोर्ट ने यह बंदिश हटा दी।
चारों धाम में कोविड वहन क्षमता के तहत दर्शन
एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि भले ही यात्रियों की बंदिश हाईकोर्ट ने हटा दी हो, लेकिन धामों की कोविड वहन क्षमता के तहत ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसमें सामाजिक दूरी छह फीट के मानदंडों का पालन अनिवार्य होगा। एसओपी में यह भी कहा गया है कि अगर चारधाम यात्रा जांच के दौरान कोई तीर्थयात्री कोविड पॉजिटिव आता है तो उसे संबंधित परीक्षण केंद्र या अस्पताल में कोविड-19 जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद लक्षणों की गंभीरता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के तहत उस मरीज को आगे रेफर किया जाएगा।