चारधाम यात्रा 2021: राजदरबार से भगवान बदरीनाथ की गाडू घड़ा यात्रा शुरू, सुहागिन महिलाओं ने पिरोया तिलों का तेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान बदरी विशाल की गाडू घड़ा (तेल कलश) अभिषेक यात्रा बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे पूजा-अर्चना के बाद राज दरबार से शुरू हो गई। दरबार में टिहरी सांसद और महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह सहित कई सुहागिन महिलाओं ने तिलों का तेल पिरोया।
राजदबार में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले वहां मौजूद भक्तगणों की थर्मल स्क्रीनिंग की। उसके बाद राजदरबार में पूजा-अर्चना के साथ सुहागिन महिलाओं ने मुंह पर पीले कपड़े बांधकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ श्री बदरीनाथ भगवान के अभिषेक के लिए तिलों का तेल पिरोया। राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल, संपूर्णानंद जोशी ने विधि-विधान के साथ गणेश पूजन किया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद गाडू घड़ा यात्रा के साथ ही श्री बदरीनाथ यात्रा का आगाज हो गया।
उत्तराखंड : कोविड महामारी के बीच आगामी चारधाम यात्रा रद्द, कपाट अपने तय समय पर खुलेंगे
शुक्रवार को गाडू घड़ा यात्रा श्रीनगर से कर्णप्रयाग होते हुए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगी। डिमरी पंचायत डिम्मर के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि 15 मई को गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा जोशीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। 17 मई को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 18 मई को सुबह 4.15 बजे पूजा-पाठ के बाद श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष विनोद डिमरी श्रीराम, ज्योतिष डिमरी, अंकित डिमरी, राणाकर्ण प्रकाश जंग, राजपाल जड़धारी आदि उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा स्थगित करना स्वागत योग्य
बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष विनोद डिमरी श्रीराम ने चारधाम यात्रा स्थगित करने के प्रदेश सरकार के निर्णय को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने लोगों से कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए घर पर रहकर ही भागवान बदरीविशाल का ध्यान करने की अपील की। कहा कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होने पर भक्तों को भगवान बदरीविशाल के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
सांकेतिक रूप में खुलेंगे चारों धामों के कपाट
चारधामों के कपाट निर्धारित तिथियों पर सांकेतिक रूप से खुलेंगे। गढ़वाल आयुक्त/उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि धामों में पूजा परंपरा से जुड़े तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारियों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही जाने की अनुमति दी जाएगी। धामों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। धामों के कपाट पूर्व निर्धारित तिथियों पर सांकेतिक रूप से खुलेंगे और परंपरागत रूप से पूजा अर्चना चलती रहेगी। वर्तमान समय में पूरे देश में कोरोना महामारी के प्रसार को देखते हुए तीर्थ यात्रा पर किसी को आने की अनुमति नहीं रहेगी।
अग्रिम आदेशों तक कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा पूर्णत: स्थगित रहेगी। सिर्फ पूजा परंपरा से जुड़े लोगों को ही धामों में जाने की अनुमति दी जाएगी। बता दें कि यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 14 मई को दिन में 12.15 बजे और गंगोत्री धाम के कपाट इस बार 15 प्रात: 7.31 बजे खुलेंगे। जबकि केदारनाथ के कपाट 17 मई को सुबह 5 बजे और बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रात: 4.15 बजे खुलेंगे।