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Chamoli Tunnel Accident: बिना ऑपरेटर पटरी पर तीन किमी तक दौड़ी थी लोको ट्रेन, हादसे में 70 श्रमिक हुए जख्मी

Thu, 01 Jan 2026 05:21 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, पीपलकोटी (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, पीपलकोटी (चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 01 Jan 2026 05:21 PM IST
सार

Chamoli  Tunnel Accident: मंगलवार रात करीब नौ बजे टनल में श्रमिकों की शिफ्टिंग हो रही थी। इसी दौरान टनल के अंदर सामग्री से लोडेट ट्रेन खिसक गई। वह साइड की पटरी से मुख्य ट्रैक पर आ गई। करीब तीन किमी नीचे आते ही ट्रेन श्रमिकों को लेकर जा रही अन्य लोको ट्रेन से भिड़ गई।

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Chamoli Tunnel Accident:  locomotive train ran for three kilometers on tracks without an operator
चमोली सुरंग हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में मंगलवार रात को करीब तीन किलोमीटर तक लोको ट्रेन बिना ऑपरेटर के दौड़ पड़ी। इस दौरान विपरीत दिशा से श्रमिकों को लेकर जा रही ट्रेन से टक्कर हो गई और 70 श्रमिक जख्मी हो गए। अधिक जख्मी आठ श्रमिकों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। टीएचडीसी ने हादसे के लिए लोको ट्रेन के ऑपरेटर की लापरवाही मानी और कंपनी ने ऑपरेटर को हटा दिया।

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मंगलवार रात करीब नौ बजे टनल में श्रमिकों की शिफ्टिंग हो रही थी। टनल में श्रमिकों के साथ ही अन्य सामग्री अंदर पहुंचाने के लिए लोको ट्रेन चलाई जाती है। टनल में दो पटरियां हैं जो आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए बिछाई गई हैं। शाम करीब चार बजे एक लोको ट्रेन निर्माण सामग्री लेकर अंदर गई जिसमें टनों निर्माण सामग्री लदी हुई थी। ड्यूटी समय खत्म होने पर ऑपरेटर इस ट्रेन को पटरी पर छोड़कर चला गया।
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रात करीब साढ़े आठ बजे टनल के बाहर से रात्रि शिफ्ट वाले श्रमिकों को लेकर दूसरी लोको ट्रेन अंदर जाने लगी। इसी दौरान टनल के अंदर सामग्री से लोडेट ट्रेन खिसक गई। वह साइड की पटरी से मुख्य ट्रैक पर आ गई। करीब तीन किमी नीचे आते ही ट्रेन श्रमिकों को लेकर जा रही अन्य लोको ट्रेन से भिड़ गई। इस लोको ट्रेन में 109 श्रमिक बैठे हुए थे और टक्कर से करीब 70 श्रमिक जख्मी हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घायलों को अस्पताल भेजा गया।
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61 श्रमिक जिला अस्पताल गोपेश्वर लाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद 53 श्रमिकों को घर भेज दिया गया। कंधे, पैर, हाथ में चोट वाले आठ श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं कुछ श्रमिकों को विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में प्राथमिक उपचार देकर घर भेजा गया।


 

मॉडिफाइड डिब्बे ने बड़ा हादसा होने से टाला
टनल के अंदर चलने वाली लोको ट्रेन में जरूरत के अनुसार छह से आठ डिब्बे लगाए जाते हैं। कंपनी ने सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन के शुरुआती इंजन वाले डिब्बे को मॉडिफाइड कर मजबूत लोहे की चादर व ग्रील लगाई हैं। इस कारण ट्रेनें जब आपस में टकराईं तो डिब्बों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। सामान्य डिब्बे होते तो वे ज्यादा डैमेज हो सकते थे और हादसा और भी भयानक हो सकता था। श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी ने बताया कि लोको ट्रेन को हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से मॉडिफाइड किया गया है। यही कारण रहा कि ट्रेनों की टक्कर के बाद हुए हादसे में अधिक नुकसान नहीं हुआ। संवाद

अस्पताल में ये श्रमिक हैं भर्ती
जिला अस्पताल में गुरु सेवक सिंह (38) पुत्र माखन सिंह निवासी तरनतारन पंजाब, अनुज कुमार (26) पुत्र दालचंद मुरादाबाद यूपी, राजीत (21) पुत्र राजू लखीमपुर खीरी यूपी, एजाज हुसैन भट, (38) पुत्र मो. रमजान डोडा जम्मू कश्मीर, शंकर दास (44) पुत्र भगवान दास निवासी कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, बलजिंदर सिंह (38) पुत्र केवल कृष्णा जालंधर पंजाब, संतोष पाल्लई (36) कपिल पल्लई केंद्रपाड़ा ओडीसा, मलकित सिंह (31) पुत्र सुरजीत सिंह, कपूरथला पंजाब शामिल हैं।

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