Chamoli Accident: हिरासत में सुपरवाइजर, जिम्मेदार अफसरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई जगह दी दबिश
अलकनंदा नदी के किनारे बने इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को जल संस्थान की हरिद्वार शाखा ने बनाया था। इसका रखरखाव जल संस्थान गोपेश्वर कर रहा है।
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चमोली के करंट हादसे में नामजद पहले आरोपी ज्वाइंट वेंचर फर्म के सुपरवाइजर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे घटना और प्लांट के संचालक के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले उससे विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में प्लांट का संचालन करने वाली फर्म, बिजली समेत अन्य विभागों के कई अधिकारी व कर्मचारी रडार पर हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा, कोयंबटूर समेत देश के कई हिस्सों में दबिश के लिए पुलिस टीमें रवाना हो गई हैं।
अलकनंदा नदी के किनारे बने इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को जल संस्थान की हरिद्वार शाखा ने बनाया था। इसका रखरखाव जल संस्थान गोपेश्वर कर रहा है। जबकि, संचालन की जिम्मेदारी मैसर्स जय भूषण मलिक कांट्रेक्टर पटियाला (मुख्य हिस्सेदार) और मैसर्स कान्फिडेंट इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कर रही हैं।
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इस ज्वाइंट वेंचर फर्म का सुपरविजन पवन चमोला कर रहा रहा था। हादसे के बाद राजस्व उप निरीक्षक नीरज स्वरूप की ओर से बृहस्पतिवार को चमोली कोतवाली में मनोज चमोला समेत कई अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और खतरनाक मशीन अधिनियम-1983 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में सुपरवाइजर पवन चमोला से विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने घटना के संबंध में लंबी पूछताछ की थी। इस दौरान कई तरह की वापरवाही उसके स्टाफ की सामने आई है। इसके बाद चमोली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस की पूछताछ देर शाम तक जारी थी। प्लांट में हुए पहले हादसों को लेकर भी उससे पूछताछ चल रही है।
पवन से उसके स्टाफ के बारे में भी पूछा गया है। बताया जा रहा है कि चमोला को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस कई और अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शनिवार तक गिरफ्तार कर सकती है। इस मामले की जांच के लिए एसओजी और पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया है।
घटना से संबंधित मुकदमे की गंभीरता से जांच की जा रही है। नामजद व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। जबकि, कुछ लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। जो प्रदेश से बाहर रहते हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
- करन सिंह नगन्याल, आईजी, गढ़वाल रेंज